संवाद सूत्र, चकराता/कालसी: जौनसारी समाज की परंपरागत संस्कृति को बचाने के लिए एकजुट हुए स्थानीय कलाकारों ने लोक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने प्रमुख बिदुओं पर चर्चा की और कलाकारों की समस्या के समाधान को आगे की रूपरेखा बनाई।

जौनसार बावर लोक संस्कृति संरक्षण समिति की ओर से कालसी ब्लाक कार्यालय के सभागार में चितन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें जौनसार बावर क्षेत्र के करीब 75 लोक कलाकारों ने प्रतिभाग किया और अपने विचार रखे। समिति के अध्यक्ष एवं ज्येष्ठ उप प्रमुख भीम सिंह चौहान ने कहा समिति से जुड़े सभी कलाकार पिछले कई वर्षों से जौनसारी समाज की विलुप्त हो रही परंपरागत संस्कृति को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। लोक कलाकार सीताराम चौहान, लोक गायिका शांति वर्मा तन्हा, महेंद्र राठौर, सनी दयाल, चतर सिंह चौहान आदि ने कहा तेजी से बदलते दौर में जनजातीय क्षेत्र जौनसारी संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सभी कलाकारों को एकजुटता के साथ आगे आना होगा। तमाम चुनौतियों से जुझ रहे लोक कलाकारों के हित एवं अधिकारों की सुरक्षा को जौनसार बावर संरक्षण समिति एकजुट होकर लंबित मांगों के समर्थन में लड़ाई लड़ेगी। कहा देशभर में जौनसार बावर अपने वैभवशाली इतिहास, अनूठी संस्कृति, सामाजिक एकता व संयुक्त परिवार की परंपरा के लिए विख्यात है। जौनसारी समाज की परंपरागत विरासतन संस्कृति से नई पीढ़ी को अवगत कराने के साथ इसका संरक्षण करना समय की मांग है। समिति अध्यक्ष के नेतृत्व में सभी कलाकारों ने एकजुटता के साथ लोक संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान समिति ने जौनसार के जाने-माने लोक कलाकार स्व. जगतराम वर्मा को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। समिति ने लोक संस्कृति के संरक्षण को जौनसार के छुटऊ निवासी आइएएस कुलानंद जोशी, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में तैनात फटेऊ निवासी संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान, मेहरावना निवासी आइआरएस रमेश चंद्र जोशी, शिक्षा विभाग में तैनात देसऊ निवासी खजान दत्त शर्मा व गोरछा निवासी फकीरा सिंह चौहान को संरक्षण समिति के संयोजक व मार्गदर्शक की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर लोक कलाकार धन सिंह राणा, सनी दयाल, अतर शाह, किरण डिमरी, मनोज सागर, सुभाष भाटी, आकाश वर्मा, शांति प्रसाद, रेखा खन्ना, सुनीता, प्रेमा राणा, देवेंद्र रावत, वीरेंद्र चौहान, विक्रम रावत, नरेश शाह, प्रभु पंवार, जीत सिंह चौहान, दिनेश भट्ट आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran