जागरण संवाददाता, विकासनगर: कोविड-19 के चलते बंद पछवादून के प्राइवेट व सरकारी स्कूल सोमवार को एक बार फिर से खुल गए। छात्र व स्कूल स्टाफ कोविड गाइडलाइन का पालन करते दिखाई दिए। अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे थे, लेकिन पहले दिन अधिकांश स्कूल में बच्चों की संख्या कम रही। लंबे समय बाद स्कूल आने का मौका मिलने पर छात्र- छात्राओं में उत्साह दिखाई दिया।

सरकार व विभागीय आदेश के अनुपालन में पछवादून में राजकीय इंटर कालेज छरबा, हरबर्टपुर, बरोटीवाला व प्राइवेट स्कूल में सेपियंस, ब्राइट एंजल, सैंटमेरी, सैंग्विन, एनफील्ड, विद्या भारती के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज ढालीपुर, बाबूगढ़, डाकपत्थर आदि खुल गए। खंड शिक्षाधिकारी बीपी सिंह ने शहर के सभी स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंधन को कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इनका अनुपालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिसका असर सोमवार को स्कूल खुलने पर साफ नजर आया। स्कूल के प्रवेश द्वार पर छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिग गन से तापमान की जांच की गई। हाथों को सैनिटाइज कराने के साथ ही मास्क को सही तरीके से पहनाते हुए छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से पूर्व में ही आग्रह किया था कि वह सहमति पत्र देकर ही बच्चों को स्कूल भेजें। कक्षाओं में उचित शारीरिक दूरी में छात्र-छात्राएं बैठे। सभी विषयों की पढ़ाई विधिवत रूप से संचालित की गई। राजकीय इंटर कालेज छरबा में कक्षा 9 से 12 के लिए विशेष रूप से समय विभाजन चक्र बनाया गया है। जिससे कोई भी कक्षा में छात्र खाली न रहे। प्रवेश के समय और छुट्टी के समय भीड़ प्रवेश द्वार पर एकत्रित न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया और सभी कक्षाओं को अलग-अलग समय में छोड़ा गया। राइंका छरबा में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी व रेडक्रास सदस्य जितेंद्र सिंह बुटोइया, प्रेम प्रकाश शुक्ला, अनुज कुमार आदि ने व्यवस्था बनाने में सहयोग दिया। सेपियंस स्कूल के प्रबंधक रविकांत सपरा, सविमं इंटर कालेज ढालीपुर के प्रधानाचार्य वेदप्रकाश शर्मा, सविमं इंटर कालेज बाबूगढ़ प्रधानाचार्य उदयराज चौहान आदि ने बताया कि पहले दिन छात्र छात्रा संख्या कम रही। छुट्टी के बाद कक्षाओं व परिसर को सैनिटाइज किया गया।

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