देहरादून, जेएनएन। आइएमए की पासिंग आउट परेड में विदेशी कैडेट ने भी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। नेपाल के विशाल चंद्र वाजी विदेशी कैडेटों में सरताज बनकर उभरे। विशाल ने हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट का सम्मान हासिल किया है। 

इस बार आइएमए की पासिंग आउट परेड में भले ही सात मित्र राष्ट्रों के 80 विदेशी कैडेट थे, लेकिन नेपाल के विशाल चंद्र सब पर भारी पड़े। 

मूल रूप से पनास्तर काठमांडू में सामान्य परिवार में जन्मे विशाल चंद्र वाजी के पिता शिक्षक हैं। नेपाल आर्मी में भर्ती होने के बाद वह आइएमए में ट्रेनिंग के लिए आए। यहां ट्रेनिंग के दौरान विशाल ने एकेडमी में मेरिट कार्ड तो क्रास कंट्री, फुटबाल में गोल्ड मेडल जीते। 

इसके अलावा होर्स राइडिंग में भी विशाल का प्रदर्शन सभी विदेशी कैडेट में टॉप पर रहा। विशाल के इन प्रदर्शन का नतीजा रहा कि उन्हें पासिंग आउट परेड के मौके पर सर्वेश्रेष्ठ विदेशी कैडेट का सम्मान दिया गया। विशाल ने कोहिमा कंपनी में बतौर सीनियर अंडर अफसर की भी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। विशाल का कहना था कि उनके तीन भाई और एक बहन है। पिता यम बहादुर और मां हस्तोरानी ने बेटे के अफसर बनने पर खुशी जताई।

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