देहरादून की सड़कों पर दौड़े इतिहास के पहिए, दिखीं 1870 की साइकिल से विश्व युद्ध की जीप तक की विंटेज गाड़ियां
देहरादून में विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल के तहत विंटेज कार और बाइक रैली का आयोजन किया गया।


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जागरण संवाददाता, देहरादून। विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल में रविवार को विंटेज कार और बाइक रैली ने शहर की सड़कों पर इतिहास के पहियों को दौड़ा दिया।
रीच संस्था की ओर से हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित महोत्सव के तीसरे दिन निकली रैली में दशकों पुराने वाहनों ने आकर्षण बिखेरा।

1870 की फायरफाक्स साइकिल, 1926 की शेवरले और द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की ब्रिटेन की फोर्ड कंपनी की 1944 में निर्मित जीप समेत कई वाहन रैली का हिस्सा बने। समाजसेवी डा. एस. फारुख ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

रैली कौलागढ़ से चकराता रोड और घंटाघर होते हुए वापस हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र पहुंची। इसमें शामिल वाहनों को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रही। रैली के लिए 70 दोपहिया वाहनों और 30 विंटेज कारों का पंजीकरण हुआ। रैली में शामिल वाहनों ने अपने दौर की तकनीक, डिजाइन और विरासत की झलक दिखाई।

वर्ष 1960 का वेस्पा 125 स्कूटर और 1984 का राजदूत भी आकर्षण का केंद्र रहे। पुराने वाहनों के शौकीनों के लिए यह रैली बीते दौर की यादों को करीब से देखने का मौका बनी। शाम को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के सभागार में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
