ऋषिकेश, जेएनएन। जहां प्रथम पंक्ति में खड़े कोरोना वॉरियर लोगों की जिंदगी बचाने की जंग में जुटे हैं वहीं, इसके इतर भी कई लोग लॉकडाउन का सदुपयोग कर मिसाल पेश कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ उत्तराखंड के पौड़ी जनपद स्थित मंगलिया गांव के युवाओं और महिलाओं ने कर दिखाया। उन्होंने पिछले डेढ़ महीने में श्रमदान कर दो किलोमीटर सड़क खुद के बूते बना डाली।

यमकेश्वर प्रखंड का मंगलिया गांव अभी भी पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। लॉकडाउन में गांव के युवा और महिलाएं घरों में खाली बैठे थे। युवा मंगल संगठन ने स्वयं गांव तक पहुंचने वाले पैदल रास्ते को मोटर मार्ग में बदलने का संकल्प लिया और लॉकडाउन का सदुपयोग करते हुए शारीरिक दूरी का पालन कर सड़क का निर्माण शुरू कर दिया। युवाओं का यह प्रयास रंग लाया। कुछ दिन बाद ही महिला मंगल दल ने भी युवाओं की इस मुहिम में हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया। 

युवा मंगल दल के अध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह नयाल ने बताया कि युवाओं और महिलाओं के श्रमदान से अब तक दो किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। यह सड़क इतनी चौड़ी है कि इससे चार पहिया वाहन आसानी से गांव तक पहुंच जाएगा। महिला मंगल दल की अध्यक्ष शकुंतला देवी ने बताया कि गांव में सड़क और पानी के लिए शासन प्रशासन को तमाम पत्र भेजे गए, मगर उनका रवैया उदासीन ही रहा। आखिर स्वयं के प्रयासों से अब हम जीत के निकट हैं। उन्होंने कहा कि इस बार गांव के युवाओं और महिलाओं ने जिस एकता का परिचय दिया वह भविष्य के लिए नींव का पत्थर बन गया है। 

युवा मंगल संगठन के अध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह नयाल ने बताया कि संकल्प शक्ति में बड़ी ताकत होती है। हर चीज के लिए सरकार और जिम्मेदारों के भरोसे ही बैठे रहना समस्या का हल नहीं है। मंगलिया गांव की यह सड़क जो अब जनशक्ति के बूते आकार ले गई है, यह शासन प्रशासन को भी आईना दिखाएगी। 

बूंगा के नौजवानों से लिया सबक 

हाल में ही यमकेश्वर के बूंगा ग्रामसभा के बीरकटल के नौजवानों ने लॉकडाउन में गांव को जोड़ने वाले पैदल मार्ग को दुपहिया वाहनों के लिए तैयार किया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य, पूर्व सैनिक व पर्वतारोही सुरेश भट्ट के नेतृत्व में इस गांव के युवकों का नागरिकों ने लॉकडाउन शुरू होते ही गाव की पैदल मार्ग को दुपहिया वाहनों के लिए तैयार करना शुरू कर दिया था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। इस मार्ग को भी स्वतंत्रता सेनानी स्व. चंदन सिंह बिष्ट को समर्पित किया गया है। 

मंगलिया गांव के ग्रामीणों ने भी इस अभियान को प्रेरणा मानते हुए अपने गांव को संवारने का काम शुरू किया। लॉकडाउन के काल में नियमित काम में जुटे ग्रामीणों को दो किलोमीटर सड़क निर्माण में सफलता मिल गई है। अब करीब डेढ़ किलोमीटर का निर्माण शेष है। ग्रामीणों का उत्साह अब सातवें आसमान पर है और उनका मानना है कि जल्द ही 300 आबादी वाले इस गांव की सूरत बदल जाएगी।

यह भी पढ़ें: यहां बंजर खेतों में लगया कैंपिंग टैंट, प्रवासियों को किया क्‍वारंटाइन; सभी काफी खुश

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस