देहरादून, [जेएनएन]: एक तरफ सरकार देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद में यहां से डीजल व पेट्रोल ऑटो बाहर करने जा रही तो दूसरी तरफ परिवहन विभाग सरकार के विपरीत फैसले दे रहा। विभाग का ताजा फैसला ऐसा है कि इसमें ऑटो व विक्रम आयु सीमा पूरी होने के बाद भी संचालित होते रहेंगे। 

संभागीय परिवहन प्राधिकरण के सचिव और देहरादून आरटीओ की ओर से जारी किए गए आदेश में विक्रम और ऑटो के लिए निर्धारित आयु सीमा की शर्त हटा दी गई है। पहले डीजल ऑटो की निर्धारित आयु सीमा 10 साल, जबकि पेट्रोल ऑटो की 12 साल थी। इसमें डीजल ऑटो को सात साल पूरे होने पर हर छह माह में फिटनेस कराना जरूरी था, जबकि पेट्रोल ऑटो को दस साल पूरे होने पर।

विभाग के फैसले के विरुद्ध संचालक हाईकोर्ट में गए थे, जहां मामला लंबित है। इसी बीच परिवहन विभाग ने नया आदेश कर ऑटो व विक्रम से निर्धारित आयु सीमा की शर्त खत्म कर दी। विक्रम जनकल्याण समिति के महासचिव राजेंद्र कुमार ने बताया कि परिवहन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में यह फैसला सुनाया है। इससे शहर के सैकड़ों विक्रम संचालकों को राहत मिलेगी।

उधर, सिटी बस सेवा महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने मामले में किसी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार स्मार्ट सिटी की बात कर डीजल पेट्रोल ऑटो-विक्रम को शहर से बाहर करने की बात कर रही है व दूसरी ओर परिवहन विभाग बड़े 'खेल' कर इन वाहनों को शहर में ही रखना चाह रहा है। डंडरियाल ने कहा कि वे मामले में सीएम तक शिकायत करेंगे और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करेंगे।

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By Sunil Negi