देहरादून, जेएनएन। प्यार के ढाई अक्षरों को समझने वालों को दुनियां के तानों की परवाह कहां होती है। इसे समझने वाले तो अपने साथी को ही अपनी दुनियां बना लेते हैं। इसकी बानगी हैं, एनआइईपीवीडी के युगल लल्लन कुमार और रेखा। पूरी तरह आंखों से देखने में असमर्थ लल्लन की आंखे बन रेखा उनके साथ जीवन के 24 साल बिता चुकी हैं। समाज ने उन्हें दिव्यांग के साथ शादी करने के लिए खूब ताने मारे, समाज के तानों को दरकिनार कर रेखा ने हर मोड़ पर लल्लन का साथ दिया। 

लल्लन कुमार एनआइईपीवीडी की ब्रेल प्रैस में बतौर प्रूफ रीडर काम करते हैं। लल्लन और रेखा के दिलों की डोर रेखा की बहन ने जोड़ी थी। आंखों से देखने में असमर्थ होने का सच जानने के बाद भी रेखा ने बेबाकी से दुनिया की परवाह न करते हुए लल्लन को अपना जीवन साथी चुना। लल्लन बताते हैं कि कई दफा ससुराल वाले ताने मारते कि क्यों अंधे से शादी कर ली। तो रेखा उनका जवाब देते हुए कहती, देखने वाले फरेबियों से अच्छे तो देखने में असमर्थ लल्लन हैं। रेखा बताती हैं कि लल्लन ने कभी अपने दिव्यांग होने पर मलाल नहीं किया। यहां तक मुझे भी अहसास नहीं होने दिया कि उन्हें दिखता नहीं है। 

कपड़े प्रेस करने से लेकर खाना बनाने तक तो अपने आधे काम वह खुद ही करते हैं। लल्लन रेखा का धन्यवाद करते हुए शरमा कर अपने दिल की बात कहते हैं कि जीवन के इतने साल खुशनुमा बीते हैं। उम्मीद है यह प्यार आगे भी ऐसे ही बरकरार रहे। 

प्यार के चक्कर में कई बार हुए 'क्लीन बोल्ड' 

जब एक क्रिकेटर प्यार में पड़ जाए तो उसकी विकेट सिर्फ एक बार नहीं गिरती। शादी की आखिरी विकेट गिरने से पहले भी कई दफा बंदा 'बोर्ड' हो जाता है। इसकी मिसाल हैं, सुनील। दून के रेसकोर्स निवासी सुनील बताते हैं कि क्रिकेट की प्रैक्टिस के लिए विकासनगर के एक स्कूल ग्राउंड में जाया करते थे। एक दिन मैच के दौरान क्लास रूम से निकलते हुए शिवानी को देखा। पहली दफा में ही उनकी खूबसूरती के कायल हो गए। सुनील बताते हैं कि शिवानी की झलक देखने के चक्कर में कई दफा ग्राउंड पर खेलते हुए वह क्लीन बोर्ड भी हुए। 

धीरे-धीरे बात करने की हिम्मत जुटाई। फिर धीरे-धीरे दोस्ती हो गई। फिर मालूम हुआ कि शिवानी व्यवहारिक तौर पर भी खूबसूरत हैं। दोनों के बीच बात आगे बढ़ती चली गई और दोनों एक-दूजे को दिल दे बैठे। घरवालों ने पहले लव मैरिज पर ऐतराज भी जताया, लेकिन दोनों ने जब प्यार की पैरवी की तो घरवालों की रजामंदी से शादी भी हो गई।

बेटे के प्यार के आगे झुका परिवार 

युवाओं में 'लव एट फ‌र्स्ट साइट' का क्रेज कभी खत्म नहीं होता, लेकिन पहली दफा देख कर प्यार कर लेना सब कुछ कहां होता है। प्यार शुरू होने के बाद तो असल इम्तिहान शुरू होता है। ऐसी ही एक कहानी है पवन और राखी की। रायपुर निवारी पवन बताते हैं कि, राखी को एक प्रतियोगी परीक्षा के दौरान पहली दफा देखा। एक कॉमन मित्र की मदद से राखी से बात शुरू की। धीरे-धीरे दोस्ती हुई फिर प्यार हो गया, लेकिन शादी की बात पर घरवालों ने लव मैरिज पर आपत्ति जता दी। परिवार को मनाने में समय जरूर लगा, लेकिन एक समय बाद प्यार के आगे परिवार वाले झुके और दोनों के रिश्ते को मंजूरी दी। 

गुलाबों से लेकर बुके की डिमांड 

वेलेंटाइन-डे के मौके पर बाजार में गुलाबों से लेकर फूलों के बुके की भारी डिमांड रही। सुभाष रोड स्थित चरण दास फ्लोरिस्ट दुकान की संचालिका नेहा गुलाटी ने बताया कि पूरे हफ्ते गुलाब और इससे बने बुके खूब बिके। रोज-डे और वेलेंटाइन-डे पर सबसे ज्यादा खपत हुई। नेहा ने बताया कि अलग-अलग क्वालिटी के हिसाब से 300 रुपये से आठ हजार तक के बुके लोगों ने खरीदे। इसके अलावा बाजार में होटल, रेस्तरां, कैफे, मॉल और सिनेमा हॉल में भी भारी भीड़ रही। भैरव सेना ने जताया विरोध

भैरव सेना के नेतृत्व में विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने वेलेंटाइन-डे का विरोध जताया। सेना के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न पार्क, कैफे समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों पर वेलेंटाइन-डे के विरोध में नारेबाजी भी की। भैरव सेना के प्रदेश अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि भारत प्रेम को मानने वाला देश है, लेकिन पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देकर अश्लीलता देश में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ रेस्तरां और कैफे समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कुछ युगल आपत्ति जनक स्थिति में भी मिले। ऐसे युगलों को मर्यादा का पाठ भी पढ़ाया गया। संगठनों के इस अभियान के चलते कई युगल संगठनों से भिड़ते दिखे। 

उधर, विरोधों को ध्यान में रखते हुए गांधी पार्क, रायपुर, एमडीडीए पार्क समेत अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस और पीएसी फोर्स तैनात रही। विरोध जताने वालों में बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजेंद्र नेगी, कृपाल सिंह नेगी, जीतू रंधावा, मुन्ना बजरंगी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। 

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झंकार ऐकेडमी ने मनाया वेलेंटाइन-डे

झंकार बीट, नृत्य ऐकेडमी में शुक्रवार को वेलेंटाइन-डे के मौके पर महिलाओं के लिए नृत्य और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इससे पहले महिलाओं ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था की संस्थापक पल्लवी गुप्ता ने कहा कि आज का दिन देश और देश के लिए शहीद हुए वीर योद्धाओं के परिजनों को प्रेम करने का है। शहीद जवानों के परिजनों के साथ पूरा देश है। इस मौके पर आयोजित सास्कृतिक कार्यक्रम में महिलाओं ने विभिन्न गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति से खूब तालिया बटोरी। इस दौरान रविता, हिमानी, मंजू, अनिता समेत कई महिलाएं मौजूद रहीं।

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