देहरादून, [जेएनएन]: उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में सोमवार को फॉरेंसिक साइंस के विभिन्न आयामों को लेकर आयोजित कार्यशाला में छात्रों को विधि विज्ञान के गुर सिखाए गए। 

कार्यशाला में राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, उत्तराखंड के निदेशक एवं आइजी अमित सिन्हा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि विशेषज्ञों के रूप में डीएनए विशेषज्ञ डॉ. मनोज अग्रवाल, अस्त्र विज्ञान विशेषज्ञ एसके शर्मा एवं फिंगरप्रिंट व हैंडराइटिंग विशेषज्ञ अभिषेक वशिष्ठ की ओर से तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया।

अस्त्र विज्ञान विशेषज्ञों ने अग्नि शस्त्रों के बारे में जानकारी दी। आइजी अमित सिन्हा ने कहा कि आज के परिपेक्ष में जब चश्मदीद गवाहों को प्रस्तुत करना एक चुनौती बन चुका है तो फॉरेंसिक साक्ष्यों का महत्व स्वत: ही बढ़ गया है। देखा गया है कि अनेकों मामलों में केवल फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधी को सजा दिलाने में कामयाबी मिली है। इस मौके पर विवि के चांसलर जितेंद्र जोशी एवं कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस, लॉ, तकनीकी एवं विज्ञान का समावेश है।

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Posted By: Sunil Negi

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