जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में पांच दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अंधड़ और बारिश से कई जगह जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मैदान में पेड़ गिरने से कई इलाकों में बिजली और टेलीफोन की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। जबकि पहाड़ों में भी बारिश के कारण आए मलबे में संपर्क मार्ग और पुलिया बह गए। उत्तरकाशी में मलबे में दबकर 67 बकरियों की मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। मैदान में तेज हवा के साथ बौछार की संभावना है। 

बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में धूप और बादलों की आंख-मिचौनी चलती रही। दोपहर तक पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हुई। शाम होते-होते देहरादून समेत आसपास के इलाकों में काले बादलों ने डेरा डाल लिया। शाम करीब साढ़े छह बजे तेज हवा के साथ बौछार गिरीं। करीब आधा घंटा हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया। इस दौरान अंधड़ के चलते कई जगह पेड़ गिर गए। राजपुर रोड और इंद्रा नगर सीमाद्वार रोड पर विशालकाय पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें और पोल क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे बड़े क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप रही। 

उधर, रुद्रप्रयाग के पास खंकरा में तीन दिन से बंद बदरीनाथ हाईवे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जबकि कई अन्य संपर्क मार्ग अब भी बाधित हैं। उत्तरकाशी के सोनगाड़ में कच्ची पुलिया ढहने से 67 बकरियों की मौत हो गई। कुमाऊं में फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। यहां कपकोट और गरुड़ में झमाझम बारिश दर्ज की गई।

पहाड़ों में बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, उत्तराखंड में अगले कुछ दिन प्री मानसून शावर जारी रह सकता है। खासकर पहाड़ों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में तेज हवा चलने के साथ बौछार पड़ सकती है। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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Edited By: Sunil Negi