जागरण संवाददाता, देहरादून: Uttarakhand Weather Update : अगले चार दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। इससे तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, जिससे ठंड बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, फिलहाल वर्षा की संभावना नहीं है। ऐसे में मौसम शुष्क ही बना रहेगा। मौसम विभाग ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ही कहीं-कहीं घने बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की संभावना जताई है। वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्के बादल छाए रहे

शुक्रवार को पहाड़ से लेकर मैदान तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्के बादल छाए रहे। इससे मसूरी, नैनीताल, कौसानी, मुक्तेश्वर आदि हिल स्टेशन पर दोपहर में भी ठंड का एहसास हुआ।

देहरादून में भी अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर बादलों की मौजूदगी रही। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 24.2 और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 11.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

उधर, मसूरी का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 21.9 और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शनिवार को बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में आसमान साफ भी रह सकता है। साथ ही तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है।

साफ आसमान और खिली धूप से ठंड 'गायब', दिसंबर में भी पारा 'हाई

पिछले वर्ष दिसंबर की शुरुआत बूंदाबांदी से हुई थी। लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से तीन दिसंबर को नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ व बागेश्वर जिलों के कई हिस्सों में दो से 11 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी। इस बार स्थिति ऐसी नहीं है।

तराई-भाबर से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान बढ़ा हुआ है। शुक्रवार को हल्द्वानी का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री रिकार्ड हुआ। सामान्य से यह तीन डिग्री अधिक है। दिसंबर का न्यूनतम औसत तापमान 6.2 डिग्री है।

मौसम का पिछला ट्रेंड देखें तो 2018 सर्वाधिक सर्द रहा था, तब पारा शून्य से नीचे पहुंच गया था। पिछले 10 वर्षों में सबसे कम ठंड 2017 में पड़ी थी। 31 दिसंबर 2017 को हल्द्वानी का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री पहुंचा था। 2014 को छोड़ दिया जाए तो दिसंबर का दूसरा पखवाड़ा ज्यादा सर्द रहा है।

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पांच दिसंबर तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। दिन में धूप खिली रहेगी। तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। दिसंबर तीसरे सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ने लगेगी।

कच्चा पुल पार करते हुए पैर फिसलने से मां-बेटा नदी में बहे

चमोली जिले में विकासखंड देवाल के सुदूरवर्ती गांव हरमल में कच्चा पुल पार करते हुए पैर फिसलने से मां-बेटा पिंडर नदी में बह गए। शाम को हुई घटना के समय अंधेरा होने के कारण खोजबीन नहीं की जा सकी। ग्रामीणों ने मामले की सूचना प्रशासन को दे दी है। ग्रामीण लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं।

शुक्रवार को हेमा देवी (38) पुत्र प्रवीण कुमार के साथ अपने मायके ग्राम रामपुर, कपकोट बागेश्वर से ससुराल हरमल गांव लौट रही थी। शाम पांच बजे हरमल गांव से पहले मां-बेटे पिंडर नदी पर बना कच्चा पुल पार कर रहे थे। इस दौरान अंधेरा होने के चलते दोनों का पैर फिसल गया और वे नदी में जा गिरे। किसी ग्रामीण ने इसकी सूचना स्वजन को दी। लेकिन, अंधेरा होने के चलते खोजबीन नहीं हो पाई।

वर्ष 2013 की आपदा में पिंडर नदी पर बना पुल बह गया था, जिसके बाद से ग्रामीण हर साल पुल बनाने की मांग प्रशासन से करते आ रहे हैं। यह पुल तीन गांवों की करीब 600 आबादी को सड़क से जोड़ता है। ग्रामीण श्रमदान से नदी पर कच्चे पुल का निर्माण करते हैं, लेकिन प्रत्येक वर्ष बरसात में पानी अधिक होने पर पुल बह जाता है।

उधर, राजस्व उपनिरीक्षक प्रमोद नेगी का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व टीम को मौके के लिए रवाना कर दिया गया है। लापता मां-बेटे की खोजबीन के लिए उपकरणों के साथ एनडीआरएफ टीम भी पहुंच रही है।

Edited By: Nirmala Bohra

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट