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उत्तराखंड में आज से 22 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

Published: Sat, 18 Jul 2026 05:36 PM (IST)

मौसम विभाग ने 18 से 22 जुलाई तक उत्तराखंड में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. 18 से 22 जुलाई तक उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

  2. नैनीताल, देहरादून सहित कई जिलों में रेड ऑरेंज अलर्ट

  3. अनावश्यक यात्रा से बचें, आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करें

जागरण संवाददाता, देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में आगामी दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज बौछारों की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक एहतियाती एवं निवारक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए शनिवार से 22 जुलाई तक जनपद स्तर पर सतर्कता बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव दलों को 24 घंटे और सातों दिन अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कैसा रहेगा मौसम का हाल

19 जुलाई (रविवार)

  • रेड अलर्ट: नैनीताल, चंपावत एवं ऊधम सिंह नगर (कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना)।
  • ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार एवं बागेश्वर (भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना)।
  • येलो अलर्ट: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़।

20 जुलाई (सोमवार)

  • रेड अलर्ट: देहरादून, हरिद्वार एवं टिहरी जनपद के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका।
  • ऑरेंज अलर्ट: देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी एवं पौड़ी।

21 जुलाई (मंगलवार)

  • ऑरेंज अलर्ट: देहरादून एवं बागेश्वर जनपद।
  • येलो अलर्ट: टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली एवं पिथौरागढ़।

22 जुलाई (बुधवार)

  • येलो अलर्ट: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़। इसके साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा का दौर जारी रहेगा।

प्रशासन की तैयारी

आपदा प्रबंधन सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिला आपदा परिचालन केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। भूस्खलन संभावित मार्गों पर मलबे को तुरंत हटाने के लिए आवश्यक जेसीबी मशीनें और संसाधन पहले से तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात बाधित न हो।

तीर्थयात्रियों से अपील

सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और इस दौरान अनावश्यक यात्रा से पूरी तरह बचें।

यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर लें। भारी वर्षा के समय नदी-नालों, गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।

आपातकालीन सहायता नंबर

किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें और सहायता के लिए 112, 1070 एवं 1077 पर संपर्क करें।

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