जागरण संवाददाता, देहरादून: Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में लगातार पांच से हो रही वर्षा से सोमवार को कुछ राहत मिली है। सोमवार को मौसम साफ रहा और धूप खिल आई। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आज से वर्षा का क्रम कुछ धीमा पड़ सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में आज आंशिक बादल छाये रह सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। जबकि, अन्य क्षेत्रों में गरज के साथ बौछार पड़ सकती हैं।

वहीं रविवार देर रात हुई बारिश ने देहरादून में जमकर कहर बरपाया। सहसपुर में पांच लोग नदी का जलस्‍तर बढ़ने से टापू पर फंस गए। तो वहीं सहिया में अमलावा नदी का जलस्तर बढ़ने पर किनारे पर बसे 15 परिवारों ने सनातन धर्म मंदिर परिसर में शरण ली है। 

सोमवार को गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे कई जगह पर मलबा आने से बंद हो गया। हालांकि यमुनोत्री हाईवे सुबह साढ़े 11 बजे यातायात के लिए खोल दिया गया।  जेसीबी मशीन द्वारा मार्ग खोलने की कार्रवाई की जा रही है।

देहरादून के सहसपुर में टापू पर फंसे कुछ लोग

रविवार की देर रात सहसपुर की एक बरसाती नदी में अतिवृष्टि से जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया, जिस कारण नदी में बने टापू पर कुछ लोग फंस गए। पूर्व से ही अलर्ट एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना हुई। अंधेरे व नदी के बढ़े जलस्तर में साहस का परिचय देते हुए टीम ने टापू पर फंसे 05 लोगों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया।

वर्षा के कारण बढ़ा अमलावा का जलस्तर, 15 परिवार शिफ्ट कराए

देहरादून जिले के साहिया में अमलावा नदी का रविवार की रात जलस्तर बढ़ने पर किनारे पर बसे परिवारों में दहशत फैल गई। करीब 15 परिवारों ने सनातन धर्म मंदिर परिसर में शरण ली है। वहीं, साहिया मंडी के पास बना लोहे का पुल धराशाई हो गया। थानाध्यक्ष कालसी अशेाक राठौड़ ने बताया कि मौके पर एसडीआरएफ भेजी गई है, ताकि रात में किसी तरह की दिक्कत हो तो मदद की जा सके।

बता दें कि 2010 व 2013 में अमलावा नदी की बाढ़ से 17 दुकानों व मकानों को नुकसान पहुंचा था। जिस कारण बाढ़ से अमलावा नदी किनारे बसे ग्रामीण दहशत में हैं। वर्षा के कारण रविवार देर रात अमलावा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर किनारे पर बसे लोग छाता लेकर अपने घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पहुंची पुलिस ने 15 परिवारों को सनातन धर्म मंदिर परिसर में शिफ्ट कराया है।

अमलावा नदी में जलस्तर बढ़ने पर व्यासनहरी, रोहाड़ा, इंद्रा कालोनी में ग्रामीण घबराए हुए हैं। नदी किनारे बसे ग्रामीणों ने ब्लाक परिसर व अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। थानाध्यक्ष अशेाक राठौड़ के अनुसार उनकी व साहिया चौकी इंचार्ज नीरज कठेत की ड्यूटी देहरादून में खेल स्टेडियम में लगाई गई है। जैसे ही उन्हें अमलावा नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना मिली उन्होंने एसडीआरएफ को मौके पर भेजा, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो।

आज दून के स्कूल बंद

रविवार रात को हुई भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी सोनिका ने दून जिले के सभी विद्यालयों में सोमवार को छुट्टी घोषित कर दी। मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. मुकुल कुमार सती की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 12वीं तक के सभी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद रखा गया है। इसमें 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी शिक्षा संस्थान शामिल हैं।

भूस्खलन से अवरुद्ध गंगोत्री हाईवे

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थान हेल्गूगाड के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हैं। बीआरओ द्वारा उक्त स्थान पर मार्ग सुचारू किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

उत्तरकाशी में भारी वर्षा के कारण रविवार को भी हेल्गूगाड़ व सुनगर के बीच गंगोत्री राजमार्ग मलबा आने से अवरुद्ध होता रहा। वहीं मौसम व राजमार्ग में भूस्खलन को देखते हुए गंगोत्री की यात्रा सोमवार तक रोकी गई है।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को स्थान डाबरकोट, धरासू बैंड, कल्याणी, अचानक होटल, सिल्क्यारा मरगांव के पास मलवा आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था जिसे बाद में खोल दिया गया। रविवार को भी मुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट के पास मलबा आने से सुबह से लेकर दोपहर तक करीब पांच घंटे अवरुद्ध रहा है।

आठ घंटे बंद रहा मलारी हाईवे

चमोली में चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे सलधार के पास भूस्खलन होने से आठ घंटे बंद रहा। पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर घाट क्षेत्र में मलबा आने से बंद है। घाट के पास सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे हैं। नैनीताल के रामनगर के क्यारी गांव में एक बरसाती नाले में दिल्ली के पर्यटकों की कार बह गई।

गनीमत रही कि एक पर्यटक पहले उतर गया जबकि दूसरे पर्यटक ने कूदकर अपनी जान बचाई। कार नाले से बहकर खिचड़ी नदी में पहुंच गई। उधर बदरीनाथ व हेमकुंड की चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी हुई है।

उत्तराखंड में वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुमाऊं में शनिवार रात से ही चली वर्षा का क्रम रविवार दोपहर तक जारी रहा। वर्षा के कारण बागेश्वर के कांडा और पिथौरागढ़ के थल में दो मकान ध्वस्त हो गए। पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग नहीं खुलने से आदि कैलास यात्री बूंदी में फंसे हैं। नैनीताल जिले में वर्षा से बलियानाला की पहाड़ी पर फिर भूस्खलन हो गया।

Edited By: Nirmala Bohra

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