बोली के बाद 'ऊपर से आया फरमान', उत्तराखंड 200 नई बसों का टेंडर रद
उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा 200 नई बसों की खरीद का टेंडर बोली लगने के अगले ही दिन अचानक रद कर दिया गया।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अंकुर अग्रवाल, देहरादून। 200 नई बसें खरीदने का टेंडर... दो कंपनियां मैदान में... बोली की प्रक्रिया पूरी... और फिर अगले ही दिन ऊपर से एक फरमान। उत्तराखंड परिवहन निगम में 200 बसों की खरीद के लिए निकाले गए टेंडर को छह सितंबर को अचानक निरस्त कर दिया गया।
पांच सितंबर को टेंडर की अंतिम तारीख थी और टाटा एवं अशोक लेलैंड ने सरकार के जेम पोर्टल के जरिए बोली लगाई थी। इसके ठीक अगले दिन टेंडर रद किए जाने से निगम के भीतर हलचल है।
निगम प्रबंधन की ओर से टेंडर निरस्त करने के पीछे तकनीकी कारण बताया गया है। लेकिन विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पूरा घटनाक्रम एक कंपनी की ओर से भेजे गए पत्र के बाद बदला। उच्च स्तर से आए निर्देश के बाद निगम को टेंडर निरस्त करना पड़ा।
यही वजह है कि 200 बसों की खरीद की यह प्रक्रिया अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। उत्तराखंड परिवहन निगम में टेंडर को लेकर विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। बस खरीद से लेकर अन्य प्रक्रियाओं में कभी शर्तों तो कभी निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। अब नया अध्याय फिर से जुड़ गया।
बोली खत्म होते ही क्यों बदला फैसला?
निविदा 15 जुलाई को जारी की गई थी। करीब डेढ़ माह की प्रक्रिया के बाद पांच सितंबर को बोली दाखिल करने की समय सीमा खत्म हुई। दो प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने ही इसमें भाग लिया। अब नियमानुसार तकनीकी परीक्षण और आगे की प्रक्रिया होनी थी। लेकिन अगले ही दिन छह सितंबर को अचानक टेंडर निरस्त कर दिया गया।
इतने कम अंतराल में फैसला बदलने ने सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर टेंडर में तकनीकी खामी थी तो डेढ़ माह की प्रक्रिया के दौरान क्यों नहीं पकड़ी गई। और बोली दाखिल होने के बाद ही उसे निरस्त करने की नौबत क्यों आई।
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एक कंपनी का पत्र और पूरी प्रक्रिया खत्म
टेंडर में शामिल कंपनियों ने तय प्रक्रिया के तहत बोली लगाई। ऐसे में किसी एक कंपनी पत्र के बाद पूरी प्रक्रिया समाप्त किए जाने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सूत्रों की मानें तो कंपनी ने शासन में उच्च स्तर पर पत्र देकर बसों की आपूर्ति की जिम्मेदारी उसे देने का आग्रह किया था। इसके बाद उच्च स्तर से एक फरमान आया और टेंडर निरस्त कर दिया गया।
तकनीकी कारणों के चलते नई बसों की खरीद का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही दोबारा से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - रीना जोशी, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड परिवहन निगम
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