मास्को के अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मंच पर उत्तराखंड ने दिखाया दम, वैश्विक सहयोग पर हुई चर्चा
मास्को में आयोजित तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस (आईटीसी-2026) में उत्तराखंड की भागीदारी रही, जहां 40 से अधिक देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की तकनीकों पर चर्चा की।

-मास्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस में विचार रखते उत्तराखंड बुनियादी ढांचा निगरानी परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डावर।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। 40 से अधिक देशों की भागीदारी वाले रूस के अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मंच पर उत्तराखंड की भी मौजूदगी रही। मास्को क्षेत्र के पैट्रियट एक्सपो में 8 से 10 सितंबर तक हुई तीसरी अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस (आइटीसी-2026) में भारत की ओर से उत्तराखंड बुनियादी ढांचा निगरानी परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डावर ने भाग लिया।
कांग्रेस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डीपटेक, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और भविष्य की तकनीकों पर वैश्विक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कांग्रेस में 800 से अधिक वक्ताओं और प्रतिनिधियों ने तकनीकी विकास, नवाचार और डिजिटल समाधान से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।
डावर ने तकनीकी नेतृत्व, सीमा-पार नवाचार और वैश्विक तकनीकी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में देशों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान जरूरी है। कांग्रेस में स्मार्ट नियंत्रण प्रणाली, मानव रहित प्रणालियों, सेवा रोबोट, औद्योगिक साफ्टवेयर, कंप्यूटिंग और डेटा भंडारण के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान, दूरसंचार, उपग्रह और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पर भी चर्चा हुई।
रूसी और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने उद्योगों और जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। ‘यूरेशिया का प्रौद्योगिकी भविष्य : वैश्विक बाजारों में स्वायत्त प्रणालियां’ विषय पर पूर्ण सत्र हुआ। इसके अलावा रूसी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच बी2बी बैठकें कर तकनीकी और कारोबारी साझेदारी की संभावनाएं भी तलाशीं गईं।
कांग्रेस में 40 से अधिक देशों के 800 से ज्यादा वक्ताओं के साथ सरकारी संस्थानों, उद्योगों और कंपनियों से जुड़े पांच हजार से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधियों को संवाद और कारोबारी बैठकों के लिए आमंत्रित किया गया था।
