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ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर उत्तराखंड में शिया समुदाय गमगीन, दून में तीन दिन का शोक

Published: Mon, 02 Mar 2026 12:05 AM (IST)

रमजान के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत के बाद उत्तराखंड का शिया समुदाय गमगीन है।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देहरादून के ईसी रोड स्थित मस्जिद में शोक सभा के बाद इस तरह जताया विरोध।

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देहरादून के ईसी रोड स्थित मस्जिद में शोक सभा के बाद इस तरह जताया विरोध।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। रमजान के 10वें दिन ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उत्तराखंड में भी शिया समुदाय गमगीन है।

विभिन्न जगहों पर शोक सभा और विरोध प्रदर्शन किए गए। देहरादून में तीन दिन का शोक रखा गया है। यहां रात को कैंडल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

शिया समुदाय के लोगों ने ईसी रोड स्थित मस्जिद में दोपहर की नमाज के बाद शोक जताया। जिसमें अंजुमन मोइनुल मोमीनीन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। इसके बाद रात की नमाज के बाद मजलिस कर सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक जताया।

कहा कि उस बलिदानी को जो हुसैन (ए) की तरह वक्त के यजीद के सामने नहीं झुका, अली (ए) की तरह जिया और उनकी तरह हालते रोजे में बलिदान हुआ। आज ऐसा लग रहा है, जैसे आशूरा का दिन है।

इस मौके पर अंजुमन मुइनुल मोमीनीन के अध्यक्ष कल्बे हैदर जैदी, महासचिव सिकंदर नकवी, उपाध्यक्ष सैय्यद अली, कोषाध्यक्ष जिल्ले हसनैन अफजल मेहंदी, फिरोज हैदर जैदी, अफसर हुसैन नकवी, नईम, जान जैदी आदि मौजूद रहे।

ईरान में रहने वाले भारतीयों को सुरक्षित लाने की व्यवस्था हो

आल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रदेश अध्यक्ष और नाएब शहर काजी (अहले सुन्नत) पीर सैयद अशरफ हुसैन क़ादरी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अमरीकी हमले में दुनिया से चले जाना पूरी मिल्लत इस्लामिया के लिए दुख की बात है।

अमेरिका व इजरायल वर्षों से चाहते थे कि खामेनेई को मारकर ईरान की सत्ता हासिल कर ली जाए। अमेरिका की ईरान पर बमबारी ने अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ा दी है।

उन्होंने केंद्र सरकार से अरब और ईरान में रहने वाले भारतीयों को सुरक्षित लाने की व्यवस्था करने की अपील की है। उन्होंने एहतजाज करने वालों से अपील करते हुए कहा कि एहतजाज अमन व शांति के साथ करें, जुलूस में शामिल कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न लें।