जागरण संवाददाता, देहरादून। रोडवेज में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन दो बसें बेटिकट पकड़ी गईं। हैरानी वाली बात ये है कि ये दोनों बसें भी उसी चिडिय़ापुर-हरिद्वार मार्ग पर पकड़ी गईं, जहां रविवार को चेकिंग टीम ने एक बस पकड़ी थी। सोमवार को पकड़ी गई एक बस ऋषिकेश डिपो, जबकि दूसरी देहरादून ग्रामीण डिपो की है। ऋषिकेश डिपो की बस में छह यात्री जबकि ग्रामीण डिपो की बस में चार यात्री बेटिकट मिले। चेकिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट रोडवेज मुख्यालय और मंडल प्रबंधक को भेज दी है।

कोरोना कफ्र्यू के कारण रोडवेज बसों का संचालन सीमित संख्या के साथ प्रदेश के आंतरिक मार्गों पर हो रहा। अंतरराज्यीय बस संचालन पूरी तरह बंद है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की बसें अपनी सीमा तक आ रही हैं और वहां से उत्तराखंड की बसें यात्रियों को यहां ला रहीं हैं। बरेली, लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद आदि से उत्तर प्रदेश की रोडवेज बसें हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर चिडिय़ापुर बार्डर तक आ रही हैं और वहां से उत्तराखंड की बसों से यात्री हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून तक आ रहे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर जमकर बेटिकट बस दौड़ाई जा रही हैं।

रविवार को जब देहरादून से भेजी गई स्पेशल टीम ने हरिद्वार डिपो की बस में 19 यात्री बेटिकट पकड़े तो सोमवार को हरिद्वार और ऋषिकेश डिपो की चेकिंग टीम भी सक्रिय हो गई। टीम ने ऋषिकेश डिपो की बस (यूके07पीए-यूके07पीए-4370) को चेक किया तो उसमें छह यात्री बेटिकट मिले, जो चिड़ियापुर से हरिद्वार के थे। बस पर संविदा परिचालक राजेंद्र शर्मा और विशेष श्रेणी चालक राजीव कुमार तैनात थे। टीम ने इसी मार्ग पर देहरादून जा रही ग्रामीण डिपो की बस चेक की तो उसमें चार यात्री बेटिकट मिले। इस बस पर नियमित परिचालक संजय चौहान तैनात था। मंडल प्रबंधक संजय गुप्ता ने बताया कि दोनों बसों के चालक-परिचालक को फिलहाल आफरूट कर दिया गया है। रिपोर्ट मिलने पर इनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परिचालक का तबादला व निलंबन

रविवार को 19 यात्रियों को जाली टिकट देकर बेटिकट यात्रा मामले में पकड़े गए हरिद्वार डिपो के नियमित परिचालक अरुण कुमार का तबादला मंडल प्रबंधक संजय गुप्ता ने कोटद्वार डिपो कर दिया है। एजीएम कोटद्वार को आदेश दिए गए हैं कि परिचालक के ज्वाइन करते ही उसे निलंबित कर दिया जाए।

रोडवेज को मिले 20 करोड़, मिलेगा जनवरी का वेतन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की मंजूरी के बाद रोडवेज को सोमवार को 20 करोड़ की धनराशि सरकार से मिल गई। यह धनराशि पर्वतीय मार्गों पर बस संचालन से होने वाले घाटे की मद से अग्रिम रूप में दी गई है। पिछले हफ्ते शासन से भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूर किया था, उसके बाद परिवहन सचिव रंजीत सिन्हा ने धनराशि रोडवेज के खाते में ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे। सोमवार को धनराशि रोडवेज के खाते में पहुंचने के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों को एक माह यानी जनवरी का वेतन देने की तैयारी कर ली है। रोडवेज महाप्रबंधक दीपक जैन के अनुसार मंगलवार और बुधवार तक सभी कर्मचारियों को वेतन वितरित कर दिया जाएगा।

नए प्रबंध निदेशक ने की समीक्षा

रोडवेज के नए प्रबंध निदेशक अभिषेक रुहेला ने सोमवार को निगम मुख्यालय में समस्त अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बेटिकट मामलों पर सख्त नाराजगी जताई और प्रवर्तन की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य मुद्दा आर्थिक स्थिति का रहा। रोडवेज मौजूदा समय में सवा पांच सौ करोड़ के घाटे में है और उस पर पांच माह के वेतन और अन्य लंबित भुगतान समेत करीब डेढ़ सौ करोड़ की देनदारी है। प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों को प्लान बनाकर लाने के निर्देश दिए, जिससे रोडवेज की आर्थिक स्थिति सुधारी जा सके और देनदारी कम हो सके। बैठक में महाप्रबंधक प्रशासन व महाप्रबंधक संचालन समेत समेत उप महाप्रबंधक व सहायक महाप्रबंधक मौजूद रहे।

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Edited By: Raksha Panthri