उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग के नए नियम लागू, सुरक्षा मानकों में सख्ती और भारी जुर्माना
उत्तराखंड कैबिनेट ने रिवर राफ्टिंग-क्याकिंग नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मानक कड़े किए गए हैं।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। रिवर राफ्टिंग व क्याकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के दौरान पूर्व में हुए हादसों को देखते हुए सरकार ने अब सुरक्षा मानकों को कड़ा किया है। कैबिनेट ने इसके लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग-क्याकिंग नियमावली में संशोधन के पर्यटन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इसमें पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा मानकों को प्रभावी बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध दंडात्मक प्रविधान किए गए हैं।
बिना लाइसेंस के रिवर राफ्टिंग-क्याकिंग कराने पर राफ्ट जब्त करने के साथ ही एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान किया गया है, जबकि लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड रखा गया है। कोई भी आपरेटर अपना लाइसेंस सबलेट नहीं कर पाएगा।
एक राफ्ट या एक क्याक का नहीं होगा संचालन
नियमावली के अनुसार प्रत्येक गाइड व क्याकर एक राफ्टिंग ट्रिप के दौरान संबंधित फर्म की कम से कम दो राफ्ट अथवा एकल राफ्ट संचालन की दशा में न्यूनतम एक सेफ्टी क्याक के साथ नदी के स्ट्रेच में राफ्टिंग-क्याकिंग का संचालन करेगा।
किसी भी दशा में एक राफ्ट या एक क्याक का संचालन नहीं होगा। प्रत्येक आपरेटर अथवा गाइड यह सुनिश्चित करेगा कि वह और प्रतिभागी ऐसी लाइफ जैकेट व हेलमेट धारण करेंगे, जो सुरक्षा के दृष्टिगत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते और प्रामाणिक हों।
60 साल तक सेवाएं दे सकेंगे गाइड
रिवर गाइड व सेफ्टी क्याकर के लिए अब आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। अलबत्ता, 50 वर्ष से अधिक आयु के रिवर गाइड व सेफ्टी क्याकर को स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा।
हेल्मेट व लाइफ जैकेट नहीं तो लगेगा जुर्माना
पर्यटकों को बिना लाइफ जैकेट व हेल्मेट के राफ्टिंग कराते पाए जाने पर प्रति प्रतिभागी पांच हजार रुपये की दर से लाइसेंसधारक से धनराशि वसूली जाएगी। ओवरलोडिंग में भी यही नियम लागू होगा। साथ ही खराब उपकरणों के उपयोग पर लाइसेंसधारी और गाइड से वैद्य परिचय पत्र न होने पर 5000-5000 रुपये अर्थदंड लिया जाएगा।
ये भी किए गए हैं प्रविधान
- रिवर राफ्टिंग व क्याकिंग गतिविधि के लाइसेंस प्राप्त करने को तीन वर्ष का अनुभव जरूरी।
- गंगा की धारक क्षमता के आकलन के बाद अन्य नदियों में राफ्टिंग संचालन कर रहे लाइसेंसधारकों को देंगे प्राथमिकता।
- लाइसेंस का नवीनीकरण अब 45 दिन में कराना होगा, पहले 90 दिन थी यह अवधि।
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