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उत्तराखंड की डिजिटल पुलिसिंग में बड़ी छलांग, सीसीटीएनएस में नौवें स्थान पर

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:04 AM (IST)

उत्तराखंड ने सीसीटीएनएस राष्ट्रीय रैंकिंग में 13वें से नौवें स्थान पर आकर डिजिटल पुलिसिंग में सुधार किया है, हालांकि आईसीजेएस 2.0 में तीसरे स्थान पर खिसका है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में 13वें से नौवें स्थान पर पहुंचा राज्य .

राष्ट्रीय रैंकिंग में 13वें से नौवें स्थान पर पहुंचा राज्य .

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। डिजिटल पुलिसिंग और अपराध संबंधी सूचनाओं के एकीकृत प्रबंधन की दिशा में उत्तराखंड ने अपनी स्थिति मजबूत की है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के प्रगति डैशबोर्ड में उत्तराखंड राष्ट्रीय स्तर पर 13वें से नौवें स्थान पर पहुंच गया है।

वहीं आइसीजेएस 2.0 डैशबोर्ड में उत्तराखंड दो पायदान नीचे आया है। अब वह देश में तीसरे स्थान पर है। वहीं, नेशनल क्रिमिनल ला इंप्लीमेंटेशन (एनसीएलआइ) डैशबोर्ड में भी राज्य ने छह पायदान का सुधार करते हुए 24वें से 18वें स्थान पर जगह बनाई है।

सीसीटीएनएस-आईसीजेएस 2.0 की राज्य शीर्ष समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीसीटीएनएस-आईसीजेएस 2.0 की राज्य शीर्ष समिति की बैठक में इन उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में तकनीकी आधारभूत ढांचा, नेटवर्क कनेक्टिविटी, डेटा रिकवरी सेंटर, उपकरणों की उपलब्धता और सिस्टम इंटीग्रेटर से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

बताया गया कि आइसीजेएस 2.0 के तहत ई-साक्ष्य, न्यायश्रुति, ई-समन, ई-साइन और मेडलीप्र समेत डिजिटल अनुप्रयोगों का उपयोग किया जा रहा है। इससे पुलिस, अभियोजन, कारागार और न्यायिक प्रक्रिया के बीच डिजिटल समन्वय को बढ़ावा मिल रहा है।

आइसीजेएस 2.0 के लिए राज्य योजना के तहत 242 साइटों को नेटवर्क से जोड़ा गया है। इनमें 166 पुलिस स्टेशन, 64 अभियोजन स्थल, 10 कारागार और दो एफएसएल साइट शामिल हैं। एसडब्ल्यूएएन, बीएसएनएल और लोकल वीपीएन के माध्यम से कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है। 166 पुलिस स्टेशनों में 31 में कार्य पूरा हो चुका है।

बैठक में मुख्य सचिव ने कनेक्टिविटी और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ सीसीटीएनएस के लिए अलग डेटा रिकवरी इकोसिस्टम तैयार करने को कहा। उन्होंने प्रथम सूचना रिपोर्ट में नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसे विवरण सही दर्ज कराने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ई-समन समेत अन्य कार्रवाई में दिक्कत न आए।

उन्होंने अगले दो माह में निर्धारित मानकों में और सुधार के लक्ष्य तय करने को कहा। बैठक में गृह सचिव शैलेश बगोली, एडीजी एपी अंशुमान समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।