यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Politics: सरकार की नीतियों के खिलाफ उत्तराखंड क्रांति दल का धरना
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के नेतृत्व में कचहरी रोड स्थित कार्यालय में उपवास रखकर धरना दिया।

देहरादून, जेएनएन। Uttarakhand Politics उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने राज्य के विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट के नेतृत्व में कचहरी रोड स्थित कार्यालय में उपवास रखकर धरना दिया। दल ने रोजगार, संविदाकर्मियों के नियमितीकरण, भ्रष्टाचार, भू-कानून, मूल निवास समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार ने जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज किया तो कार्यकत्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।
उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है। संविदाकर्मियों का नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। वहीं, राज्य कर्मचारियों का निरंतर उत्पीड़न हो रहा है। जीरो टालरेंस वाली सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है। प्राकृतिक संसाधनों पर बाहरी व्यक्तियों का कब्जा है। बड़ी परियोजनाएं भी बाहरी कंपनियों के हवाले कर दी गई हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य की समुचित सुविधाएं नहीं होने से लोग पलायन कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को शत-प्रतिशत लागू करने की मांग की। उपनल से संविदा पर सेवायोजित कर्मचारियों का नियमितीकरण करने और उद्योगों में स्थानीय निवासी को प्राथमिकता देने की मांग भी की। धरने में दल के संरक्षक त्रिवेंद्र सिंह पंवार, एपी जुयाल, लताफत हुसैन, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, बहादुर सिंह रावत, जयदीप भट्ट शामिल रहे।
जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष बहाल
केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने सभी जिलों के जिलाध्यक्षों व महानगर अध्यक्षों को बहाल कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष अपनी-अपनी इकाईयों का गठन कर सदस्यता अभियान चलाएं। उन्होंने संगठन को ब्लॉक व वार्ड स्तर तक मजूबत बनाने का आह्वान किया।
