राज्य ब्यूरो, देहरादून : Uttarakhand Politics : उत्तराखंड भाजपा (Uttarakhand BJP) की नई टीम जल्द अस्तित्व में आ जाएगी।

हरिद्वार जिले में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश संगठन को आकार दे दिया जाएगा, जबकि जिलों में इसके बाद नई टीम घोषित की जाएगी। प्रदेश संगठन व जिलों में अधिकांश पदाधिकारियों को बदले जाने की संभावना है।

केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंथन में जुटे महेंद्र भट्ट

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इन दिनों संगठन की नई टीम के गठन को लेकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंथन में जुटे हैं। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के बुलावे पर बुधवार को दिल्ली पहुंचे महेंद्र भट्ट व प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने देर रात उनके साथ बैठक की।

बैठक में मुख्यतया दायित्व वितरण व संगठन के नए स्वरूप को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पिछले हफ्ते केंद्रीय नेतृत्व के साथ इन विषयों पर चर्चा कर चुके हैं।

लगातार दूसरे विधानसभा चुनाव में जोरदार बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा का लक्ष्य अब वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पिछले प्रदर्शन को दोहराना है। वर्ष 2014 व 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने सभी पांचों सीटों पर जीत हासिल की थी।

इसके अलावा निकट भविष्य में हरिद्वार जिले में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और अगले वर्ष के स्थानीय निकाय चुनाव पर भी भाजपा की दृष्टि है। इन्हीं चुनावी चुनौतियों के हिसाब से भाजपा अब अपने प्रदेश संगठन को पुनर्गठित कर रही है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने गुरुवार को भी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष से भेंट की। गुरुवार को दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व राज्य के भाजपा सांसदों से भी वे मिले।

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व से मंथन के बाद निर्णय लिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट हरिद्वार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश संगठन को अंतिम रूप दे देंगे।

संभावना है कि प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष समेत अधिकांश पदों पर नए चेहरों को अवसर दिया जाएगा। जिलों में इसके उपरांत संगठन को पुनर्गठित किया जाएगा। जिलों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।

दायित्वों का बंटवारा जल्द

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन व सरकार को दायित्व वितरण के लिए आपसी समन्वय और सहमति से निर्णय लेने के लिए कहा है।

दायित्व पाने वालों में संगठन से हटने वाले कुछ नेता शामिल हो सकते हैं। यह भी तय किया गया कि कार्यकत्र्ताओं को दायित्व जल्द बांट दिए जाएं। मुख्यमंत्री पहले ही इस विषय पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा कर चुके हैं।

Edited By: Nirmala Bohra