राज्य ब्यूरो, देहरादून : Uttarakhand Politcs : 13 जिलों वाले उत्तराखंड में भाजपा के सांगठनिक जिलों की संख्या 19 होने के बाद अब पार्टी की मंडल इकाइयों की संख्या भी बढऩे जा रही है। इसके लिए वर्तमान मंडल इकाइयों का आकार छोटा किया जाएगा।

इस कड़ी में भाजपा के प्रांतीय नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों को मंडल इकाइयों के पुनर्गठन के मद्देनजर परिसीमन संबंधी कार्य पूर्ण कर जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। भाजपा की इस मुहिम को अगले वर्ष होने वाले नगर निकाय चुनाव और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

पांचों सीटों पर फिर से परचम लहराकर हैट्रिक बनाने की चुनौती

उत्तराखंड में भाजपा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक के सभी चुनावों में अजेय रही है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में हर पांच साल में सत्ताधारी बदलने का मिथक तोड़ा तो अब उसके सामने लोकसभा चुनाव में राज्य की की सभी पांचों सीटों पर फिर से परचम लहराकर हैट्रिक बनाने की चुनौती है।

विधानसभा चुनाव से निबटने के बाद पार्टी इसकी तैयारियों में जुट गई। इसी कड़ी में पार्टी के सांगठनिक ढांचे में बदलाव किया गया। पूर्व में पार्टी के 14 सांगठनिक जिले थे, जिनकी संख्या हाल में बढ़ाकर 19 की गई है। नए जिलाध्यक्ष भी घोषित किए जा चुके हैं।

इसके साथ ही अब पार्टी की मंडल इकाइयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्तमान में भाजपा की 252 मंडल इकाइयां हैं। वर्तमान में औसतन एक मंडल इकाई के दायरे में 45 से 60 बूथ हैं। इसे देखते हुए अब मंडल इकाइयों का आकार छोटा करने के दृष्टिगत परिसीमन कर इसके प्रस्ताव जिलाध्यक्षों से मांगे गए हैं।

मंडल इकाइयों की संख्या में हो सकती है 25 से 30 की वृद्धि

माना जा रहा है कि मंडल इकाइयों की संख्या में 25 से 30 की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इस बारे में प्रस्ताव मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पार्टी का मानना है कि मंडल इकाइयां छोटी होने पर आगामी चुनावों में प्रबंधन में अधिक आसानी रहेगी।

पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले दो-तीन दिन के भीतर मंडल इकाइयों का परिसीमन का कार्य पूर्ण कर प्रस्ताव भेजना सुनिश्चित करें। प्रस्तावों पर मंथन के बाद नई मंडल इकाइयों की घोषणा की जाएगी।

-आदित्य कोठारी, प्रदेश महामंत्री, भाजपा

Edited By: Nirmala Bohra

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