राज्य ब्यूरो, देहरादून। कांग्रेस ने पुष्कर सिंह धामी सरकार के 100 दिन की उपलब्धियों और कार्यकाल पर ही प्रश्नचिह्न लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि सरकार पूरी तरह विफल है। पार्टी सरकार की विफलता को जनता के बीच ले जाएगी।

प्रदेश की सत्ता में दो तिहाई बहुमत से वापसी करने वाली धामी सरकार अब अपने सौ दिन के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने पेश कर रही है, ऐसे में कांग्रेस एक बार फिर सरकार के खिलाफ मुखर हो गई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माहरा ने आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा में अव्यवस्था से राज्य की छवि पर बुरा असर पड़ा है। बड़ी संख्या में उत्तराखंड आए यात्रियों की स्वास्थ्य की जांच की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई। परिणाम स्वरूप स्वास्थ्य कारणों से सर्वाधिक यात्रियों की मृत्यु हुई।

उन्होंने कहा कि पोस्ट कोविड प्रभाव को लेकर वह यात्रा शुरू होने से पहले से ही सरकार को चेतावनी दे रहे थे, लेकिन इसकी अनदेखी की गई। अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि व्यवस्था बेहतर बनाने को कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण में मोड़ों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। इससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। अस्पतालों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं और विद्यालय शिक्षकों के लिए तरस रहे हैं।

ऐसे में सरकार का 100 दिन की उपलब्धियां बताना हास्यास्पद है। उपलब्धि के नाम पर समान नागरिक संहिता के माध्यम से धु्रवीकरण की कोशिश की जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा की धामी सरकार दोबारा सत्ता में आई, लेकिन आमजन को कोई राहत नहीं मिली है। बेरोजगारी से उत्तराखंड का नौजवान पस्तहाल है।

चुनाव से पहले जिन विभागों में रोजगार देने की बात कही गई थी, उनमें भर्तियां शुरू नहीं हो पाई हैं। महंगाई चरम पर है। आम वस्तुएं जनता की खरीद क्षमता के बाहर हो रही हैं।

सरकार भले ही सौ दिन के कार्यकाल पर अपनी पीठ थपथपाए, लेकिन कांग्रेस जनता के सामने सही तस्वीर रखेगी। आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश की स्थिति खराब है। ऋण का बोझ लगातार बढ़ रहा है। विकास कार्यों में सरकारी धन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। विवादित परीक्षाओं की सीबीआई जांच हो

आर्य ने सरकार पर आरोप लगाया कि भर्ती और नौकरी के नाम पर संगठित तरीके से घोटाला किया जा रहा है। सबसे अधिक भर्ती परीक्षा कराने वाला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग विवादों में है। हर परीक्षा में कुछ न कुछ कमी पाई गई है। सरकार ने भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी जांच नहीं कराई।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता नहीं रहेगी तो गरीब का बच्चा की मेहनत बेकार हो जाएगी। उन्होंने सरकार से सभी विवादित परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने और दोषियों को दंडित करने की मांग की।

Edited By: Sunil Negi