जागरण संवाददाता, देहरादून: Uttarakhand News: पुरानी पेंशन, पुरानी एसीपी व्यवस्था, डाउनग्रेड वेतनमान का निर्णय वापस लेने और गोल्डन कार्ड की विसंगतियां दूर करने समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों के तेवर तल्ख हो गए हैं।

कार्मिकों ने मांगों को लेकर हुंकार भरी

अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान पर दून में आयोजित गर्जना रैली में कार्मिकों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। नारेबाजी करते हुए परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। भारी वर्षा के बीच कर्मचारी सचिवालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की मांग करने लगे।

प्रदेशव्यापी हड़ताल की दी चेतावनी

मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सेठी मौके पर पहुंचे और मांग पत्र लिया। कार्मिकों ने शीघ्र उचित कार्रवाई न होने पर राज्य स्थापना दिवस के बाद प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की रैली के चलते सरकारी कार्यालयों में दिनभर कामकाज प्रभावित रहा।

20 सूत्रीय मांगों की दी जानकारी

उत्तराखंड के मान्यता प्राप्त 10 परिसंघों की संयुक्त रूप से गठित अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी शुक्रवार को परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। यहां सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने 20 सूत्रीय मांगों की जानकारी दी।

कर्मचारी अब आर-पार के मूड में

कहा कि कैबिनेट की ओर से राज्य कार्मिकों के केंद्र सरकार की तर्ज पर लिए गए डाउनग्रेड वेतन के निर्णय को शीघ्र वापस लिया जाए। इसके अलावा दीर्घ अवधि से लंबित अन्य न्यायोचित मांगों पर कार्रवाई हो। बीते करीब सवा माह से आंदोलनरत कर्मचारी अब आर-पार के मूड में हैं।

इसी क्रम में दून में विशाल गर्जना रैली का आयोजन किया गया। रैली से पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष एसएस चौहान ने की और संचालन शक्ति प्रसाद भट्ट व पंचम सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।

समन्वय समिति के सचिव संयोजक पूर्णानंद नौटियाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने जिन बिंदुओं का समाधान एवं विसंगतियों का निराकरण विधानसभा चुनाव से पूर्व नहीं हो पाया है, उनका समाधान विधानसभा चुनाव के बाद पुनः सरकार बनने पर किए जाने का आश्वासन दिया था।

कार्मिकों का उत्पीड़न करने का आरोप

लेकिन, लंबित समस्याओं का समाधान करने के बजाय वर्तमान में शासन के अधिकारी कार्मिकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। परेड ग्राउंड से रैली के रूप में सचिवालय कूच किया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया।

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पुलिस के साथ भी हुई धक्का-मुक्की

इस दौरान कार्मिकों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इस पर प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी को मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी कार्मिक हड़ताल पर चले जाएंगे।

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Edited By: Sunil Negi

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