राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून : उत्तराखंड में हेली व हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। क्षेत्रीय संपर्क योजना ने इसे और गति प्रदान की है। इस समय प्रदेश में एक मार्ग पर हवाई सेवा और चार मार्गों पर हेली सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। अब हेमकुंड साहिब और मुनस्यारी के लिए हेली सेवाओं के संचालन की तैयारी चल रही है। साथ ही पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।

हवाई सेवाओं के तीन और हेली सेवाओं के आठ मार्ग स्वीकृत

उत्तराखंड में क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत हवाई सेवाओं के तीन और हेली सेवाओं के आठ मार्ग स्वीकृत हैं। हवाई सेवाओं की बात करें तो इनमें देहरादून-पंतनगर, हिंडन-देहरादून-पिथौरागढ़ और पंतनगर से पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा संचालित की जानी हैं। इनमें से अभी केवल देहरादून-पंतनगर मार्ग पर ही हवाई सेवा का संचालन हो रहा है।

आठ स्थानों के लिए हेली सेवाएं स्वीकृत

बात करें हेली सेवाओं की तो प्रदेश में क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत आठ स्थानों के लिए हेली सेवाएं स्वीकृत हैं। इनमें से अभी देहरादून-चिन्यालीसौड़, देहरादून-गौचर, देहरादून-श्रीनगर व देहरादून-टिहरी मार्ग पर हेली सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। अब प्रदेश सरकार दो नए हवाई मार्गों पर जल्द हेली सेवाओं के संचालन पर जोर दे रही है। ये दो मार्ग हल्द्वानी से मुनस्यारी और देहरादून से हेमकुंड साहिब के लिए हैं।

मुनस्यारी में हेलीपैड के लिए जमीन तलाश ली गई

दरअसल, हल्द्वानी से पहले धारचूला के लिए हेली सेवा का संचालन प्रस्तावित था। यहां सेना ने हेलीपैड के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। इसे देखते हुए अब मुनस्यारी में हेलीपैड के लिए जमीन तलाश ली गई है, जहां हेलीपैड बनाने का काम शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरी बड़ी हेली सेवा हेमकुंड साहिब के लिए है।

अभी हेलीकाप्टर गोविंदघाट से घांघरिया तक जाता है। यहां से यात्रियों को पांच किमी का पैदल सफल तय करना पड़ता है। अब उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास परिषद ने हेमकुंड साहिब के निकट ही हेलीपैड के लिए जमीन तलाश ली है। यहां भी जल्द हेलीपैड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे यात्री हेली सेवाओं के जरिये सीधे हेमकुंड साहिब तक पहुंच सकेंगे।

प्रदेश में पांच स्थानों पर उतरेंगे सी-प्लेन

उत्तराखंड में पांच स्थानों पर सी प्लेन उतारने की भी तैयारी चल रही है। समुद्रमाला योजना के तहत केंद्र ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है। हालांकि, इसके लिए अब प्रदेश को केंद्र द्वारा गठित एसपीवी से करार करना है। उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर का हरिपुरा जलाशय, ऋषिकेश बैराज, टिहरी झील, नानकमत्ता बैराज और कालागढ़ झील में सी प्लेन उतारे जाएंगे। इसकी शुरुआत टिहरी झील से होगी।

Edited By: Nirmala Bohra