जागरण संवाददाता, देहरादून: हरिद्वार से रोडवेज की बस से देहरादून आ रहे 56 यात्रियों और देहरादून से हरिद्वार जा रहे 54 यात्रियों की जान बुधवार सुबह बाल-बाल बच गई। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुआंवाला में परिचालक की तरफ वाले पिछले दोनों टायर चलती बस से निकलकर बाहर आ गए।

गनीमत रही कि टायर बाहर निकलते ही बस की बाडी उस पर टिक गई और चालक ने बस नियंत्रित कर ली। शुक्र यह भी रहा कि उस वक्त आगे-पीछे वाली तरफ कोई अन्य वाहन करीब नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

दूसरी घटना भी कुआंवाला के समीप मियांवाला में हुई। इसमें दून से 54 यात्रियों को लेकर हरिद्वार जा रही बस का चालक वाली तरफ वाला टायर फटने से बस अनियंत्रित हो गई और स्ट्रीट लाइट के पोल को तोड़कर डिवाइडर पर चढ़ गई।

दोनों ही बसें हरिद्वार में डिपो कार्यशाला से जांच के बाद मार्ग पर भेजी गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए रोडवेज के प्रबंध निदेशक रोहित मीणा की ओर से महाप्रबंधक दीपक जैन को विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

रोडवेज की हरिद्वार डिपो की साधारण बस (यूके07-पीए-1930) बुधवार सुबह छह बजे लक्सर से चली और करीब सात बजे हरिद्वार पहुंची। वहां से बस देहरादून के लिए चली। करीब आठ बजे जब बस लच्छीवाला से आगे कुआंवाला पहुंची तो बस के पीछे वाले टायर निकल गए।

जैसे ही टायर निकले बस के गियर ने भी काम करना बंद कर दिया जबकि बस अनियंत्रित हो गई। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ब्रेक लगाकर बस को साइड कर रोका। बस में 56 यात्री सवार थे, जिन्हें हरिद्वार से आ रही तीन बसों से दून भेजा गया। इससे पहले यात्रियों को लगभग एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में हरिद्वार से मिस्त्री को बुलाकर बस को ठीक करवाया गया।

वहीं, दूसरी घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे हरिद्वार मार्ग पर मियांवाला में हुई। दून से 54 यात्री लेकर जा रही हरिद्वार डिपो की साधारण बस (यूके07-पीए-2144) हाईवे की सर्विस लेन पर जैसे ही नए यात्रियों को बैठाने के लिए उतरी, तभी चालक की ओर वाला अगला टायर फट गया।

बस की गति तेज होने से चालक नियंत्रण खो बैठा और बस अनियंत्रित होकर स्ट्रीट लाइट के पोल को तोड़ती हुई डिवाइडर पर चढ़ गई। इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। शुक्र रहा कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ। हादसे के बाद यात्रियों को दूसरी बसों से भेजा गया।

महज 100 किमी चली थी बस

बस (यूके07-पीए-1930) हरिद्वार डिपो कार्यशाला से मंगलवार शाम साढ़े चार बजे तकनीकी जांच के बाद मार्ग पर भेजी गई। हरिद्वार बस अड्डे आने के बाद बस को लक्सर भेजा गया। लक्सर में रात्रि विश्राम के बाद बस सुबह देहरादून के लिए चली। बस महज 100 किमी चली थी कि हादसा हो गया।

रोडवेज कर्मियों के अनुसार बस स्थानीय मार्ग पर चली, इसके कारण टायर देर से निकले। अगर यह बस लंबी दूरी पर जाती तो तेज गति से चलती और उस वक्त टायर निकल जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

एजीएम से मिस्त्री तक की जिम्मेदारी

रोडवेज में बस मार्ग पर भेजने से पहले पूरी तरह फिटनेस जांच की जिम्मेदारी डिपो एजीएम से लेकर फोरमैन और मिस्त्री तक की होती है। हालांकि, एजीएम कभी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते। बस को फोरमैन ही प्रमाणित कर भेज देते हैं।

लक्सर से दून के लिए आ रही बस की जांच मिस्त्री इतवारी लाल व राहुल ने की जबकि फोरमैन पंकज ऐरन ने बस की फिटनेस प्रमाणित की। बस हादसे में जवाबदेही एजीएम हरिद्वार प्रतीक जैन की भी बनती है।

एक सप्ताह पहले ही महाप्रबंधक दीपक जैन की ओर से आदेश दिया था कि कार्यशाला से प्रमाणित होने के बाद अगर कोई बस रास्ते में खराब होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार डिपो का बुरा हाल

हरिद्वार डिपो व इसकी कार्यशाला का बुरा हाल है। यहां आएदिन बसों की दुर्घटना व खराब होने के मामले आ रहे हैं। मंगलवार को हरिद्वार की बस (यूके07-पीए-2998) का शिमला जाते हुए यमुनानगर में गियर व क्लच खराब हो गए।

चालक तीन दिन तक लगातार बस में खराबी की शिकायत करता रहा, लेकिन इसे ठीक करने के बजाए मार्ग पर भेज दिया गया। 11 मई को भी हरिद्वार से औली गई बस (यूके07-पीए-3174) का स्टेयरिंग फेल हो गया था, लेकिन तब भी जिम्मेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उत्तर प्रदेश की बस भी दुर्घटनाग्रस्त

सुबह उत्तराखंड की दो बसों के दुर्घटना का शिकार बनने के बाद देर शाम हरिद्वार मार्ग पर ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद डिपो की बस भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मुरादाबाद से देहरादून आ रही यात्रियों से खचाखच भरी बस जब रिस्पना पुल से आइएसबीटी की तरफ मुड़ी, तभी एक विक्रम चालक ने बस के आगे अचानक ब्रेक लगा दिए।

इस कारण बस अनियंत्रित हो गई और हरिद्वार बाईपास पर डिवाइडर पर चढ़ गई। जिससे बस का फ्रंट शीशा भी टूट गया। हादसे में आगे बैठे तीन-चार यात्रियों को चोट लगीं, जिन्हें 108 एंबुलेंस सेवा में ही प्राथमिक उपचार देकर भेज दिया गया। दुर्घटना की वजह से बाईपास पर करीब एक घंटा जाम भी लगा रहा।

Edited By: Sunil Negi