देहरादून, सुमन सेमवाल। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दस्तक (15 मार्च को पहला मामला आया) से पहले ही दून ने खुद पर प्रतिबंध लागू करने की तैयारी कर ली थी। 13 मार्च को बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर 12वीं तक की सभी कक्षाओं को बंद करने के साथ प्रतिबंध का दौर शुरू हुआ। इसके बाद सिनेमाघरों से लेकर कोचिंग सेंटर, जिम और क्लब आदि इसके दायरे में आए और देखते ही देखते होटल, रेस्तरां, कार्यालय, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए। 

कोरोना को हराने के लिए 22 मार्च को लॉकडाउन और जनता कर्फ्यू के साथ लोगों की आवाजाही पर भी अंकुश लगा दिया गया। सिर्फ सुबह सात से 10 बजे तक ही जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए बाहर निकलने की अनुमति दी गई। यह लॉकडाउन पहले 31 मार्च तक के लिए था और फिर इसे बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दिया गया। वर्तमान में दून में 03 मई तक लॉकडाउन घोषित है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन शुरू से ही एक्शन मोड में रहा और अब तक किए गए 97 अहम आदेश इस बात का जीता-जागता प्रमाण भी हैं।

किसी भी व्यवस्था में जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने ढिलाई नहीं बरती और बाकायदा आदेश जारी कराकर उनका अनुपालन सुनिश्चित कराया गया।इस दौरान कोरोना संक्रमण के नए मामले भी सामने आते रहे और प्रशासन ऐसे इलाकों को चिदिृनत कर लॉकडाउन/सील करता रहा। दूसरी तरफ चिकित्सा दल संक्रमित लोगों के उपचार में शिद्दत के साथ जुटा है। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल से कोरोना की जंग 50 फीसद जीत ली गई है। इसी टीम वर्क की बदौलत 19 मई से सील एफआरआइ परिसर को 02 अप्रैल को बहाल कर दिया गया। जिन इलाकों से अब तक संक्रमण सामने आ रहे हैं, वह सभी लॉकडाउन या सील हैं।

पहले राशन, भोजन और जरूरी वस्तुओं की होम डिलीवरी के साथ बहाली का दौर शुरू किया गया। अब 20 मई से देहरादून नगर निगम और लॉकडाउन क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जिले में सशर्त ढील दी जा रही है। 20 मई से ही बाहरी क्षेत्रों में कार्यालय, व्यापारिक और औद्योगिक प्रतिष्ठान खोलने, निर्माण करने, सशर्त आवाजाही की अनुमति दी जाने लगी है। इस बहाली में गुरुवार को कुछ और आदेश जुड़ गए हैं। इनके तहत नगर निगम सीमा में राज्य और केंद्र सरकार की परियोजनाओं से संबंधित निर्माण कार्य भी किए जा सकते हैं।

लॉकडाउन के अहम आदेश 

  • 22 मार्च: जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन शुरू और पांच से अधिक लोगों के एक साथ खड़े होने पर प्रतिबंध।
  • 24 मार्च: सुबह सात से 10 बजे तक ही जरूरी वस्तुओं के लिए बाहर निकलने की अनुमति।
  • 24 मार्च: 31 मार्च तक के लॉकडाउन को 14 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया।
  • 02 अप्रैल: एफआरआइ को सीलिंग से बाहर किया।
  • 04 अप्रैल: भगत सिंह कॉलोनी और कारगी ग्रांट को लॉकडाउन किया।
  • 06 अप्रैल : दून की लक्खीबाग, डोईवाला की झबरावाला व केशवपुरी बस्ती लॉकडाउन।
  • 07 अप्रैल: भगत सिंह कॉलोनी सील।
  • 18 अप्रैल: दून के बाहरी क्षेत्रों में 20 मई से अतिरिक्त छूट जारी।
  • 18 अप्रैल: आजाद कॉलोनी को सील किया गया।
  • 22 अप्रैल : दून नगर निगम व लॉकडाउन क्षेत्रों में किताबों, बिजली के पंखे की दुकानों की ऑनलाइन सेवा व अन्य क्षेत्रों में प्रतिष्ठान खोलने की मंजूरी।
  • 23 अप्रैल: नगर निगम क्षेत्र में केंद्र और राज्य की परियोजनाओं को हरी झंडी।

अभी तक का सफर

  • पहला सप्ताह (13 से 19 मार्च): 12 तक की कक्षाएं, सिनेमाघर, सभी तरह के महाविद्यालय व प्रशिक्षण संस्थान, जिम, क्लब, स्वीमिंग पूल, कोचिंग संस्थान, बोर्ड परीक्षा को छोड़कर शेष शिक्षकों की उपस्थिति, सरकारी, निजी कार्यालय (आवश्यक को छोड़कर), ई-सेवा केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध समेत एफआरआइ को सील किया गया।
  • दूसरा सप्ताह (20 मार्च से 26 मार्च): रजिस्ट्री, विवाह पंजीकरण, जनता दर्शन बंद, बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, शहर को पांच जोन में बांटा, संक्रमण की रोकथाम को अफसरों की टीम गठित।
  • तीसरा सप्ताह (27 मार्च से 02 अप्रैल): रेस्तराओं को ऑनलाइन भोजन की आपूर्ति की छूट, राशन की होम डिलीवरी की तेज, वेतन कटौती न करने के आदेश, किराया जबरन न वसूलने को कहा, गर्भवती महिलाओं व बच्चों के पोषण को टेक होम राशन शुरू, एफआरआइ की बहाली।
  • चौथे सप्ताह (03 से 09 अप्रैल): कृषि यंत्र, मालवाहक वाहनों के उपकरण, मरम्मत के प्रतिष्ठान/वर्कशॉप को खोलने की अनुमति, कृषकों, बागवानों, इससे संबंधित श्रमिकों/ठेकेदारों को रियायत, गर्भवर्ती महिलाओं के लिए दो पृथक अस्पताल में उपचार का इंतजाम।
  • पांचवां सप्ताह (10 से 16 अप्रैल): समाज कल्याण के पेंशनरों को अग्रिम पेंशन जारी करना, थूकने पर प्रतिबंध, मास्क पहनना आनिवार्य, मादक पदाथरें की दुकानों पर प्रतिबंध जारी, होम डिलीवरी करने वालों की अनिवार्य थर्मल स्कैनिंग।
  • छठा सप्ताह (17 से 23 अप्रैल): नगर निगम और लॉकडाउन क्षेत्रों को छोड़कर शेष जिले में निर्माण कार्य, कार्यालय खोलने, औद्योगिक गतिविधियों को मंजूरी, शहर में किताबों, बिजली के पंखों आदि की होम डिलीवरी, जबकि शेष भाग में दुकानें खोलने की अनुमति। अब नगर निगम क्षेत्र में राज्य और केंद्रीय योजनाओं पर काम भी होगा शुरू।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सभी नियम सख्ती से लागू कराए जा रहे हैं। साथ ही लोगों की जरूरत का भी ध्यान रखा जा रहा है। ताकि लॉकडाउन में किसी भी जरूरतमंद को परेशानी न हो। अब जरूरत के मुताबिक नियमों में ढील देकर मंद पड़ गई व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने का प्रयास है।

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डीआइजी अरुण मोहन जोशी का कहना है कि जो नियम थे, वह सख्ती से लागू किए गए। अब यह देखना है कि जो लोग घरों में परेशान हैं, उनकी परेशानी को किस तरह से दूर किया जाना है। काम भी जरूरी है, लेकिन इससे ज्यादा जरूरी है कि लोग शारीरिक दूरी के प्रति जागरूक रहें और अपनी फिक्र करें। अब आगे लोगों की समस्याओं को दूर करने की योजनाएं बनाई जा रही है।

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Posted By: Raksha Panthari

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