देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड भाषा संस्थान की स्थापना गैरसैंण में करने के निर्देश दिए हैं। संस्थान के लिए भूमि खरीदने के उद्देश्य से 50 लाख की धनराशि का प्रविधान किया गया है।

त्रिवेंद्र सरकार के गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाए जाने के बाद वहां विभिन्न संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गैरसैंण में उत्तराखंड भाषा संस्थान की स्थापना इसी दिशा में बढ़ाया गया कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना बनाई जा रही है। उत्तराखंड के केंद्र बिंदु गैरसैंण के विकास एवं इसके समीपवर्ती नैसर्गिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की गई हैं। 

543 करोड़ रुपये के नौ प्रस्तावों को दी स्वीकृति

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने राज्य प्राधिकृत समिति की बैठक में औद्योगिक निवेश के प्रस्तावों पर संबंधित विभागों को समय से स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रस्तावों पर शीघ्रता से काम शुरू हो सकेगा। इस दौरान 543 करोड़ रुपये के नौ प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।  

 मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम के अंतर्गत गठित समिति की बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने उद्योगों की स्थापना के लिए न्यूनतम पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानक में आ रही समस्याओं व बाधाओं के समाधान के लिए उद्योग और आवास विभाग की संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए। यह टीम निरीक्षण कर मानकों के शिथिलीकरण के संबंध समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। 

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