राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोशिशें परवान चढ़ी तो अरुणाचल प्रदेश की भांति कीवी उत्पादन से उत्तराखंड के किसानों की झोलियां भी भरेंगी। इसके लिए सरकार यहां भी कीवी मिशन की कवायद में जुट गई है। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय अधिकारियों को अरुणाचल प्रदेश और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के समन्वय से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, अरुणाचल के उद्यान मंत्री और उत्तराखंड के उद्यान मंत्री के मध्य जल्द ही बातचीत भी होगी। 

विधानसभा स्थित सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री उनियाल ने कहा कि कीवी उत्पादन एक बड़ी नकदी फसल के रूप में उभरा है। देश में अरुणाचल प्रदेश ने इस मामले में छाप छोड़ी है। वहां के किसानों को इससे लगातार फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की परिस्थितियां भी कीवी उत्पादन के लिए मुफीद हैं। इसी क्रम में यहां कीवी मिशन संचालित किया जाएगा। 

इस संबंध में जल्द ही अरुणाचल और नाबार्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।राज्य की प्रसंस्करण नीति भी जल्दबैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बताचीत में कैबिनेट मंत्री उनियाल ने कहा कि बदली परिस्थितियों में उत्तराखंड में प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में तीन लाख हेक्टेयर में वर्तमान में जैविक खेती हो रही है। इससे भी प्रसंस्करण की संभावना बढ़ी है। ऐसे में निवेशकों को आकर्षित करने को प्रसंस्करण नीति जरूरी है।

इसकी कसरत चल रही है। उन्होंने बताया कि नर्सरी एक्ट की नियमावली तैयार हो गई है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा। हर ब्लाक में कोल्ड रूम जैसी अवस्थापना सुविधाओं के विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग में बेहतर कार्य संस्कृति पर भी फोकस किया गया है।

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