राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Election 2022 कांग्रेस ने पहली सूची में 53 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। यानी प्रदेश में अभी 17 सीटें ऐसी हैं, जिनमें प्रत्याशियों की घोषणा होनी शेष है। देखा जाए तो इन सीटों में से कुछ पर अभी प्रत्याशी चयन को लेकर आमराय न बनने के कारण पेच फंसा हुआ है, तो वहीं कुछ सीटें रणनीति के तहत रोकी गई हैं। कांग्रेस चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हरीश रावत ने भी अभी तक किसी सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यही कारण है कि उनकी पसंद वाली सीटों पर अभी कांग्रेस ने टिकट घोषित नहीं किए हैं।

कांग्रेस ने शनिवार देर रात अपने प्रत्याशियों की घोषणा की। भाजपा ने जहां पहली सूची में 59 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए थे, वहीं कांग्रेस की पहली सूची में यह संख्या 53 है। कांग्रेस ने जो 17 सीटें रोकी हैं, उनमें गढ़वाल मंडल की 13 और कुमाऊ मंडल की चार सीटें शामिल हैं। कुमाऊ मंडल की चार सीटें रोकने का मुख्य कारण हरीश रावत द्वारा अपने पत्ते न खोलना है। माना जा रहा है कि इनमें से रामनगर, सल्ट या कालाढूंगी से हरीश रावत चुनाव लड़ सकते हैं। इस कारण इन्हें होल्ड पर रखा गया है।

वहीं, लालकुआं सीट पर टिकट की घोषणा भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के बाद की जाएगी। कहा जा सकता है कि जो सीटें शेष हैं, उनमें से अधिकांश पर बाहर से आने नेताओं पर भी पार्टी की नजरें टिकी हुई हैं। उदाहरण लिए नरेंद्र नगर सीट को ही लिया जाए। यहां भाजपा के ओम गोपाल रावत की कांग्रेस में आने की संभावनाएं जताई जा रही है। वह दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात भी कर चुके हैं। टिहरी सीट व ऋषिकेश सीट अभी दिनेश धनै और किशोर उपाध्याय के बीच में अटकी हुई है।

हरक सिंह रावत की घर वापसी के बाद पार्टी उन्हें अथवा उनकी बहू अनुकृति गुसाईं, या दोनों को टिकट दे सकती है। यही कारण है कि चौबट्टाखाल, लैंसडौन और डोईवाला सीट पर फिलहाल प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए हैं। देहरादून कैंट सीट पर प्रदेश के दिग्गज नेताओं की एक राय नहीं बनने के कारण इस पर प्रत्याशी घोषित नहीं किया जा सका है। वहीं हरिद्वार की कुछ सीटों पर कांग्रेस भाजपा की सूची पर नजर रखे हुए है।

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इन सीटों पर भी अभी घोषित नहीं किए गए प्रत्याशी

देहरादून कैंट, डोईवाला, ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, टिहरी, ज्वालापुर, झबरेड़ा, रुड़की, खानपुर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, चौबट्टाखाल, लैंसडौन, सल्ट, लालकुआं, कालाढूंगी और रामनगर।

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Edited By: Raksha Panthri