राज्य ब्यूरो, देहरादून। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रोजगार संबंधी बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शिक्षा विभाग ने राज्य में करीब 10 हजार व्यक्तियों को रोजगार दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत ने बीते रोज हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली में सरकार पर बड़ा आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा यदि 3200 सरकारी कर्मचारी बने व्यक्तियों के नाम बता दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। रावत के इस बयान पर अरविंद पांडे जमकर बरसे और उन्हें नसीहत भी दे डाली। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में 1881 पदों पर नियुक्तियां दी गईं हैं। 2648 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। माध्यमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक एलटी के पदों पर 1818 पदों पर तैनाती दी गई और 1431 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।

प्रवक्ता पद पर 1414 पदों पर तैनाती दी जा चुकी है और 571 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। साथ ही अतिथि शिक्षकों के 4410 पदों पर तैनाती दी गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि रावत का बयान भ्रामक है। उन्होंने नसीहत दी कि रावत राजनीति से संन्यास लेने के बजाय सूचनाओं के स्रोत को सही और दुरुस्त करें।

सलमान खुर्शीद को बदलने चाहिए विचार: हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत ने पार्टी के सलमान खुर्शीद की किताब में हिंदुत्व को लेकर टिप्पणी से पूरी तरह असहमति जता दी। उन्होंने कहा कि खुर्शीद को अपने विचार बदलने चाहिए। हरीश रावत ने कहा कि वह सलमान खुर्शीद के विचार से बिल्कुल सहमत नहीं हैं। कांग्रेस भी उनके विचार का समर्थन नहीं करती। उन्होंने इगास लोक पर्व पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणा इसी वर्ष के लिए है, लेकिन कांग्रेस का वायदा है कि हर वर्ष इगास के दिन सरकारी अवकाश रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हड़बड़ी में इगास की छुट्टी में बदलाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छुट्टी कर अच्छा किया, लेकिन महंगाई से त्रस्त जनता सरकार की छुट्टी करने का मन बना चुकी है।

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Edited By: Raksha Panthri