विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ड्रोन नीति से उड़ान भरेगा उत्तराखंड: ₹1000 करोड़ के निवेश और 5000 युवाओं को रोजगार का रोडमैप तैयार

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:23 AM (IST)

उत्तराखंड की नई ड्रोन नीति राज्य को प्रमुख ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाएगी, जिससे ₹1000 करोड़ का निवेश आएगा। ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. उत्तराखंड ड्रोन नीति से ₹1000 करोड़ का निवेश आकर्षित होगा।

  2. 5000 युवाओं को ड्रोन पायलट और कुशल जनशक्ति बनाया जाएगा।

  3. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 'स्टेट ड्रोन कमेटी' का गठन होगा।

डिजिटल टीम, देहरादून। उत्तराखंड को देश का प्रमुख ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाने के लिए राज्य सरकार की ड्रोन नीति पूरी तरह तैयार है। इस नीति के तहत तकनीक, निवेश, बुनियादी ढांचे और रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने के लिए व्यापक रियायतों और सब्सिडी का खाका खींचा गया है। नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में ₹1000 करोड़ का निवेश (₹500 करोड़ निर्माण क्षेत्र में और ₹500 करोड़ सर्विस क्षेत्र में) आकर्षित होने का अनुमान है। इसके साथ ही, प्रदेश के 5000 युवाओं को सर्टिफाइड ड्रोन पायलट और कुशल जनशक्ति के रूप में तैयार कर रोजगार से जोड़ा जाएगा।

गठित होगी 'स्टेट ड्रोन कमेटी'

ड्रोन नीति को पारदर्शी और सुचारू रूप से लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय 'स्टेट ड्रोन कमेटी' का गठन किया जाएगा।
  • समिति के सदस्य: इसमें सचिव आईटी, सचिव वित्त, सचिव नियोजन, सचिव गृह, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के सीईओ, और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) के निदेशक बतौर सदस्य शामिल रहेंगे।
  • विशेष आमंत्रित: इसके अतिरिक्त, अन्य जरूरी विभागों के सचिवों और मुख्य सचिव द्वारा नामित अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

उद्योगों और सेवाओं के लिए लीज, किराया व सब्सिडी प्रोत्साहन

राज्य में ड्रोन निर्माण और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक वित्तीय रियायतों का प्रावधान किया गया है।
  • मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए लीज सब्सिडी: ड्रोन सिस्टम, डिवाइस और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने पर लीज के किराए में पहले साल 75% प्रतिशत (अधिकतम ₹20 लाख), दूसरे साल 50% प्रतिशत (अधिकतम ₹15 लाख) और तीसरे साल 25% प्रतिशत (अधिकतम ₹10 लाख) तक की सब्सिडी दी जाएगी।
  • ड्रोन सर्विस व्यवसायों को राहत: ड्रोन सेवाओं से जुड़े उद्यमों को पहले साल अधिकतम ₹10 लाख, दूसरे साल ₹7.5 लाख और तीसरे साल अधिकतम ₹5 लाख तक की सब्सिडी का हकदार बनाया गया है।
  • सर्किल रेट और टैक्स प्रतिपूर्ति: आईटीडीए की ओर से ड्रोन निर्माण व सेवा उद्योगों को सर्किल रेट से 50% कम दरों पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, ऐसे उद्यमों को राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) की पूरी प्रतिपूर्ति दी जाएगी।

मानव संसाधन, प्रशिक्षण और स्टार्टअप को बढ़ावा

उत्तराखंड को ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं के कौशल विकास और स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान दिया गया है। 
  • ड्रोन ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग: रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO), ड्रोन स्कूल स्थापित करने और ड्रोन कोर्स चलाने पर 50% कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम ₹1 करोड़ तक के निवेश पर) दी जाएगी।
  • वेंचर फंड और स्टार्टअप्स: 'स्टार्टअप नीति' के तहत ₹200 करोड़ के वेंचर फंड में से 25% राशि ड्रोन निर्माण या सर्विस क्षेत्र के स्टार्टअप्स को आवंटित की जाएगी।
  • डीपीआर (DPR) प्रतिपूर्ति: परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर 50% राशि (अधिकतम ₹5 लाख) की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। वहीं, ₹100 करोड़ या उससे अधिक के निवेश से प्रतिवर्ष 250 लोगों को रोजगार देने वाले बड़े उद्योगों को एमएसएमई नीति के तहत विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।
उत्तराखंड सरकार के इन दूरगामी फैसलों से न केवल प्रदेश में हाई-टेक उद्योगों को बल मिलेगा, बल्कि दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, कृषि और आपातकालीन सेवाओं की आपूर्ति भी आसान और सुगम होगी।