संवाद सहयोगी, कर्णप्रयाग (चमोली): आनलाइन ऋण देने व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले आरोपित को कर्णप्रयाग पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आनलाइन ऋण देने के लिए आरोपित ने एक वर्चुअल कंपनी बनाने की बात स्वीकार की है, जिसमें फोन के जरिये किसी जरूरतमंद के संपर्क करने पर वह लोन दिलाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम लेता था।

24 मई को भरत सिंह निवासी उमराकोट बैडाणू देवलीबगड़ ने थाना कर्णप्रयाग में बीस लाख रुपये ऋण देने के नाम पर नौ लाख रुपये की धोखाधड़ी में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली श्वेता चौबे के दिशा-निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग अमित कुमार ने पुलिस टीम का गठन किया।

मोबाइल सर्विलांस एवं मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ठगी के आरोपित श्रवण कुमार निवासी अखोडा कालोनी, राजीव बिहार गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, मूल निवासी बाघौली नानपारा जिला बहराइच मानिक पुर थाना खोडा को गुरुवार गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। मौके से दो लैपटाप, दो मोबाइल तथा बीस हजार रुपये भी बरामद किए गए।

सीओ कर्णप्रयाग अमित कुमार ने बताया पूछताछ में आरोपित ने स्वीकारा कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर धनी इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के नाम से वर्चुअल फर्म बना रखी है। इसका विज्ञापन इंटरनेट मीडिया के माध्यम से किया जाता था।

विज्ञापन में वे अपना मोबाइल नंबर देते थे ताकि जरूरतमंद संपर्क करें और वे लोग लोन व प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के नाम पर धोखाधड़ी से धनराशि वसूल लेते थे। साइबर ठगी के मामले का जल्द पर्दाफाश करने पर पुलिस अधीक्षक चमोली ने पुलिस टीम को 2500 रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।

साइबर सेल ने वापस दिलाई ठगी की रकम

अज्ञात व्यक्ति ने बैंक खाते की जानकारी हासिल कर खाते से 9211 रुपये की रकम उड़ा ली। पुलिस ने पीड़ि‍त के खाते में ठगी की धनराशि वापस कराई है। 24 मई को थाना क्षेत्र कर्णप्रयाग के लंगासू निवासी मनोज बहुगुणा ने साइबर सेल पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर धोखे से डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल की। जिसके बाद उनके खाते से 9211 रुपये की ठगी की गई। क्षेत्राधिकारी साइबर सेल नताशा सिंह के पर्यवेक्षण में साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सहायता से शिकायतकर्ता के खाते मे 9211 रुपये की धनराशि वापस करायी।

Edited By: Sunil Negi