जागरण संवाददाता, देहरादून: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त आइएएस राम बिलास यादव ने रिमांड के दौरान भी कई सवालों पर चुप्पी साधे रखी। करीब चार घंटे तक चली पूछताछ में यादव ने विजिलेंस अधिकारियों के कुछ सवालों का गोलमोल जवाब दिया तो कुछ सवालों के जवाब में कहा कि फिलहाल उन्हें इस बारे में कुछ याद नहीं है।

मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे विजिलेंस की टीम राम बिलास यादव को सुद्धोवाला जेल से बाहर लेकर आई। इसके बाद कोरोनेशन अस्पताल में उनका मेडिकल कराया गया और करीब 11 बजे विजिलेंस की टीम उन्हें लेकर विजिलेंस मुख्यालय पहुंची।

विजिलेंस ने यादव, उनकी पत्नी और बच्चों को आमने-सामने बैठाकर उनसे पूछताछ करने की योजना बनाई थी। इसके लिए यादव की पत्नी और बच्चों को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आए।

ऐसे में पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, विवेचक अनुषा बडोला सहित अन्य अधिकारियों ने अकेले यादव से पूछताछ शुरू की। दोपहर करीब तीन बजे तक चली पूछताछ में यादव ने विजिलेंस के कई सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कुछ सवालों पर तो वह जवाब देने के बजाय चुप्पी साध गए।

वहीं, कुछ सवालों का हां और ना में जवाब दिया। यह पूछे जाने पर कि आवास विकास लखनऊ में दो फ्लैट कब खरीदे गए, यादव ने कहा कि उन्हें याद नहीं है। वहीं, बेटे-बेटी को विदेश भेजने में खर्च की गई धनराशि के बारे में यादव का कहना था कि इसकी जानकारी उनकी पत्नी कुसुम को होगी। पूछताछ खत्म होने के बाद विजिलेंस ने फिर से यादव का मेडिकल करवाया और उन्हें जेल में दाखिल करा दिया।

23 जून को किया गया था गिरफ्तार

उत्तराखंड शासन में अपर सचिव रहे राम बिलास यादव गत 30 जून को सेवानिवृत्त हुए थे, इससे पहले उनको निलंबित कर दिया गया था। उनके विरुद्ध आय से 522 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर विजिलेंस जांच कर रही है।

इसी 11 जून को विजिलेंस ने उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश में कई जगह छापेमारी कर राम बिलास की कई संपत्तियों से पर्दा उठाया था। इस मामले में राम बिलास जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। ऐ

से में हाई कोर्ट ने यादव को बयान दर्ज कराने के लिए विजिलेंस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। 23 जून 2022 को यादव विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे, जहां कई घंटे की पूछताछ के बाद विजिलेंस ने देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन विजिलेंस ने यादव को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

बुधवार को कोर्ट में दोबारा होगी पेशी

न्यायिक अभिरक्षा की अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार को यादव को दोबारा कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस दौरान विजिलेंस का प्रयास रहेगा कि यादव की न्यायिक अभिरक्षा आगे बढ़ाई जाए। इसके लिए विजिलेंस की ओर से कोर्ट में दलील दी जाएगी कि यादव जेल से बाहर रहकर गवाहों को धमका और जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

Edited By: Sunil Negi