राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में अब सार्वजनिक वाहनों का संचालन पूरी यात्री क्षमता, यानी सौ फीसद यात्रियों के साथ किया जा सकेगा। वाहन संचालकों को राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा तय किराये पर ही यात्रियों को सफर कराना पड़ेगा। मालवाहक वाहन भी सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक दुकानों में सामान उतार व चढ़ा सकते हैं। शासन द्वारा जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में इसका प्रविधान किया गया है।

एसओपी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दूसरे राज्यों से अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार आने वाले वाहनों में वाहन क्षमता का 75 फीसद और अधिकतम चार यात्री ही सफर कर सकेंगे। उन्हें भी स्मार्ट सिटी पोर्टल 72 घंटे की अवधि की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी। यह एसओपी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। प्रदेश में कोरोना के कारण लागू काेविड कर्फ्यू के कारण सार्वजनिक वाहनों का संचालन प्रभावित है। अब सरकार ने कर्फ्यू में छूट देने के साथ ही सार्वजनिक वाहनों के संचालन को लेकर भी राहत देनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में शासन ने बसों के साथ ही मैक्सी कैब, टैक्सी कैब, आटो रिक्शा व विक्रम आदि को पूर्ण यात्री क्षमता के अनुसार संचालन की अनुमति दे दी है।

सचिव परिवहन डा. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश के अनुसार वाहनों का संचालन सरकार द्वारा कोरोना को लेकर जारी मानकों के अनुसार किया जाएगा। यात्रा के दौरान कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चत किया जाएगा। अन्य राज्यों से आने वालों को 72 घंटे की अवधि की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी। प्रदेश के चार मैदानी जिलों से पर्वतीय जिलों में जाने वाले वाहनों में चालक, परिचालक व यात्रियों को आरटीपीसीआर अथवा एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट लानी अनिवार्य होगी।

उत्तर प्रदेश की सीमा से होते हुए गढ़वाल से कुमाऊ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की आरटीपीसीआर अथवा एंटीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य नहीं होगी, लेकिन उन्हें स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। प्रत्येक यात्रा शुरू करने एवं यात्रा के समाप्त होने पर वाहन का सैनिटाइजेशन किया जाएगा। वाहन के चालक व परिचालक द्वारा फेस मास्क व ग्लब्स का प्रयोग किया जाएगा। अंतराज्यीय व अंतर जिला वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की थर्मल स्केनिंग की जाएगी। किसी यात्री पर कोरोना के लक्षण नजर आने पर वाहन चालक इसकी सूचना निकटवर्ती थाने अथवा स्वास्थ्य केंद्र को देगा।

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Edited By: Raksha Panthri