यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Politics: हल्द्वानी में चाहरदीवारी पर 20 करोड़ खर्च करने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
Uttarakhand Politics प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने हल्द्वानी चिड़ियाघर की चाहरदीवारी पर 20 करोड़ रुपये खर्च करने पर आपत्ति ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून : Uttarakhand Politics: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने हल्द्वानी चिड़ियाघर की चाहरदीवारी पर 20 करोड़ रुपये खर्च करने पर आपत्ति व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वन विभाग ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बगैर ही यह धनराशि खर्च की है।
उन्होंने सरकार से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेकर वन विभाग के स्तर पर बरती जा रही लापरवाही पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के चिड़ियाघर को अभी तक प्राधिकरण ने अनुमति नहीं दी है, लेकिन वन विभाग ने बजट की बंदरबांट शुरू कर दी। प्राधिकरण का मामला वर्ष 2015 से लटका हुआ है।
जहरीली शराब कांड मामले में समिति गठित
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने हरिद्वार जिले में जहरीली शराब कांड की पार्टी स्तर पर जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, सतपाल ब्रहमचारी, प्रदेश महामंत्री पीके अग्रवाल व नवीन जोशी शामिल किए गए हैं। समिति मामले में स्थानीय व्यक्तियों से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगी।
गैरसैंण पर त्रिवेंद्र के बयान को हरीश रावत ने सराहा
पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गैरसैंण पर दिए गए बयान को सराहा और उनका समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि वह बर्फ पड़ने पर एक घंटे का उपवास भराड़ीसैंण में करेंगे।
भाजपा और प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया
पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीते दिन गैरसैंण में बयान दिया था कि गैरसैंण वाले जागते रहे, राजा तभी जागेगा। हरीश रावत ने इसे हाथोंहाथ लिया और त्रिवेंद्र की तारीफ के बहाने भाजपा और प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण बस तीन रावतों की जिम्मेदारी थी। एक वह हैं, जिसके समय में विधानसभा भवन आदि बने। दूसरे त्रिवेंद्र हैं, जिन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि तीसरे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने नाम से रावत हटा दिया। उन्होंने भराड़ीसैंण के चयन में भूमिका अदा की थी। वह तो भाग गए, लेकिन उन पर और त्रिवेंद्र पर यह जिम्मेदारी है कि हम धकियाते रहें, तब ही देहरादून में बैठे हुए धामी लोग गैरसैंण की सुध लेंगे।
