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उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका, 40 साल बाद पूर्व राज्य मंत्री रमेश चंद्र उनियाल ने दिया इस्तीफा

Published: Sun, 04 Oct 2026 12:54 PM (IST)Updated: Sun, 04 Oct 2026 01:10 PM (IST)

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री रमेश चंद्र उनियाल ने 40 साल बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है।

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जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री मुनिकीरेती निवासी रमेश चंद्र उनियाल ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र जारी कर 40 साल पुराना नाता तोड़ने का ऐलान किया है।

उनियाल ने अपने पत्र में लिखा है कि "मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता तथा सभी दायित्वों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से मुझे महसूस हो रहा था कि संगठन के भीतर संवाद और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी व्यक्ति-विशेष के प्रति व्यक्तिगत मतभेद के कारण नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक और जनसेवा की प्राथमिकताओं के आधार पर लिया गया है। अपने त्यागपत्र में उनियाल ने अपना पूरा राजनीतिक सफर विस्तार से बताया। उन्होंने लिखा कि वे केवल दिखावे के लिए पार्टी में नहीं रहे, बल्कि सक्रिय सदस्य रहे हैं।

  • 1985 से 1987 तक युवक कांग्रेस मुनि की रेती इकाई के अध्यक्ष
  • 1987 से 1989 तक शहर कांग्रेस कमेटी (ई) मुनि की रेती के अध्यक्ष
  • 1989 से 1992 तक जिला कांग्रेस कमेटी (ई) सेवादल के अध्यक्ष
  • 1992 से 1995 तक वरिष्ठ उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल
  • 1995 से 2000 तक प्रदेश संगठन मंत्री कांग्रेस सेवादल उत्तर प्रदेश
  • 2000 से 2002 तक प्रदेश संगठक कांग्रेस सेवादल उत्तराखंड
  • 2002 से 2004 तक अतिरिक्त मुख्य संगठक प्रदेश कांग्रेस सेवादल
  • फरवरी 2014 से मार्च 2016 तक उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) उच्च शिक्षा उत्तराखंड सरकार
  • कई वर्षों तक सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी और निर्वाचित निदेशक जिला सहकारी बैंक हल्द्वानी व उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के रूप में भी सेवाएं दीं।
  • इसके साथ ही वे वर्ष 2005 से आज तक मणिकूट हिमालय परिक्रमा समिति के अध्यक्ष/संयोजक के रूप में भी सेवाएं दे रहे है।

पहले से अधिक आजाद महसूस कर रहा हूं

उनियाल ने कहा कि फिलहाल वे किसी भी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता नहीं लेंगे। उन्होंने बताया कि उनके अधिकांश साथियों का मत था कि वे सत्ताधारी पार्टी के मंच से इस्तीफा देकर सदस्यता ग्रहण कर लें, लेकिन वे इससे सहमत नहीं थे।

उन्होंने कहा, "फिलहाल मैं एक पार्टी से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी की सदस्यता लेकर अपने को सीमित नहीं करना चाहता हूं। किसी भी राजनीतिक दल का उम्मीदवार सक्षम व श्रेष्ठ हो सकता है। केवल अच्छे व सक्षम उम्मीदवार को समर्थन दूंगा।"

पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, "40 वर्ष का रिश्ता तोड़ना इतना तो आसान नहीं होता लेकिन समय-समय पर सभी तथ्यों की समीक्षा करनी चाहिए। आज अब मैं अपने आप को पहले से अधिक आजाद महसूस कर रहा हूं।"

उनके इस्तीफे से टिहरी और ऋषिकेश क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।