वृद्धजनों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी: CM धामी ने योजनाओं का दायरा बढ़ाया, बुजुर्गों को मिल रहा संबल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही ...और पढ़ें

HighLights
वृद्धावस्था पेंशन योजना में पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग लाभ।
निशुल्क स्वास्थ्य जांच, वयोश्री योजना से बुजुर्गों को सहायक उपकरण।
मुख्यमंत्री धामी ने बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण को प्राथमिकता दी।
डिजिटल टीम, देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों का सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने वृद्धजनों के आर्थिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इन योजनाओं का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी बुजुर्ग अपने जीवन के उत्तरार्ध में आर्थिक रूप से बेबस या असहाय महसूस न करे।
हाल ही में राज्य सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में संवेदनशीलता दिखाते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिसके तहत अब पात्र दंपति (पति और पत्नी) दोनों को अलग-अलग पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ ही निशुल्क स्वास्थ्य जांच, मोतियाबिंद शिविर और आयुष्मान योजना के तहत बुजुर्गों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना: पात्र पति-पत्नी दोनों को मिल रहा सीधा लाभ
उत्तराखंड सरकार की सबसे लोकप्रिय और प्रभावकारी योजनाओं में से एक वृद्धावस्था पेंशन योजना है। पूर्व में इस योजना के अंतर्गत परिवार के केवल एक ही सदस्य (पति या पत्नी) को पेंशन का लाभ मिल पाता था, जिससे कई निर्धन परिवार आर्थिक तंगी से जूझते थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस नियम में संशोधन किया। अब प्रदेश के 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र पति और पत्नी, दोनों को प्रतिमाह ₹1,500-₹1,500 की दर से पृथक-पृथक (अलग-अलग) पेंशन दी जा रही है। यानी एक पात्र बुजुर्ग दंपति के खाते में हर महीने ₹3,000 की सम्मान राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है।
राष्ट्रीय वयोश्री योजना और निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा
वरिष्ठ नागरिकों की शारीरिक लाचारी दूर करने के लिए प्रदेश सरकार 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के माध्यम से चश्मे, व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक (छड़ी), ट्राइपॉड, सुनने की मशीन और नकली दांत (डेंटर) जैसे आवश्यक उपकरण निशुल्क उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत और राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत निशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी दी गई है।
'मुख्यमंत्री वृद्धाश्रम एवं देखभाल केंद्र' तथा सहायता हेल्पलाइन
राज्य के प्रमुख जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जहां बेसहारा बुजुर्गों के लिए निशुल्क आवास, गुणवत्तापूर्ण भोजन और नियमित मेडिकल चेक-अप की व्यवस्था है। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों की किसी भी समस्या, शिकायत या आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 14567 को सक्रिय रखा गया है।
बुजुर्गों का आशीर्वाद ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी ताकतः सीएम धामी
राज्य में बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान और कल्याण हमारी सरकार का मूल संकल्प है। हमारे बुजुर्ग हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और उनके अनुभवों के मार्गदर्शन से ही हम समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं। इसी सोच के साथ हमने वृद्धावस्था पेंशन योजना में सुधार किया है ताकि अब पात्र पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देकर संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा सके। हमारा प्रयास है कि राज्य का हर वरिष्ठ नागरिक स्वाभिमान, अच्छी सेहत और बिना किसी आर्थिक तंगी के अपना जीवन व्यतीत करे। बुजुर्गों का आशीर्वाद ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है।
योजनाओं का जमीनी असर: क्या कहते हैं प्रदेश के बुजुर्ग
सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं से बुजुर्गों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की बानगी धरातल पर साफ दिखाई दे रही है। पौड़ी गढ़वाल के 68 वर्षीय रामप्रसाद डोबरियाल ने कहा कि पहले केवल मुझे पेंशन मिलती थी, जिससे दवाइयों और घर के छोटे-मोटे खर्च चलाना मुश्किल होता था। जब से मुख्यमंत्री धामी जी ने मेरी पत्नी को भी अलग से ₹1,500 पेंशन देने का नियम लागू किया है, हमारे घर में दवाई और राशन की चिंता खत्म हो गई है। अब हमें बच्चों के आगे पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती।
देहरादून की 65 वर्षीया सुरजीत कौर ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ घुटनों और आंखों की समस्या हो गई थी। वयोश्री योजना के तहत मुझे चलने के लिए छड़ी और नया चश्मा मिला। साथ ही हर महीने पेंशन समय पर आ जाती है। सरकार ने हम बुजुर्गों की सुध लेकर हमारे बुढ़ापे की लाठी बनने का काम किया है।
अल्मोड़ा के रहने वाले 71 वर्षीय हरगोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि 70 साल के बाद अस्पतालों के चक्कर लगाना और इलाज का खर्च उठाना बहुत कठिन होता है। आयुष्मान योजना और वृद्धावस्था पेंशन से हमें बहुत बड़ी राहत मिली है। सरकार का यह कदम बुजुर्गों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार दे रहा है।
आत्मनिर्भर और सुरक्षित हो रहा बुजुर्गों का जीवन
उत्तराखंड सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए उठाए गए ये कदम न केवल उनकी आर्थिक निर्भरता को समाप्त कर रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी सशक्त और निश्चिंत बना रहे हैं। पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक, पेंशन का समय पर भुगतान और निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ने राज्य के लाखों बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है। सीएम धामी का यह प्रयास 'सेवा, सुशासन और संवेदनशीलता' के संकल्प को धरातल पर सिद्ध कर रहा है।
