उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी मंजूर; 20 हजार तक होगी वृद्धि
उत्तराखंड कैबिनेट ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस ...और पढ़ें

HighLights
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों का मानदेय बढ़ा।
जूनियर रेजिडेंट को 80-85 हजार, सीनियर रेजिडेंट को 1.05-1.10 लाख।
पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और प्रोत्साहन मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डाक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था में रेजिडेंट डाक्टरों को 80 हजार से 1.10 लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय मिलेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात डाक्टरों के लिए मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक मानदेय निर्धारित किया गया है।
शासन ने जूनियर रेजिडेंट को मैदानी क्षेत्र में 80 हजार और पर्वतीय क्षेत्र में 85 हजार रुपये प्रतिमाह व डेमोंस्ट्रेटर के लिए भी यही दर प्रस्तावित की थी। सीनियर रेजिडेंट को मैदानी क्षेत्र में 1.05 लाख व पर्वतीय क्षेत्र में 1.10 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रस्तावित किया गया। कैबिनेट ने इस पर मुहर लगा दी है। वर्तमान में जूनियर रेजिडेंट को मैदानी क्षेत्र में 71,257 और पर्वतीय क्षेत्र में 76,600 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।
सीनियर रेजिडेंट का मानदेय मैदानी क्षेत्र में 84,113 और पर्वतीय क्षेत्र में 90,350 रुपये है। नई दर लागू होने पर जूनियर रेजिडेंट के मानदेय में करीब नौ हजार रुपये और सीनियर रेजिडेंट के मानदेय में करीब 20 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान में 251 जूनियर रेजिडेंट, 134 डेमोंस्ट्रेटर और 246 सीनियर रेजिडेंट कार्यरत हैं।
मानदेय में वृद्धि से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाओं के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के उपचार और शैक्षणिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
