विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड कैबिनेट ने कारोबारियों को दी बड़ी राहत, तीन प्राविधानों को विस से मंजूरी के रास्ता साफ

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:53 AM (IST)

उत्तराखंड कैबिनेट ने जीएसटी के तीन महत्वपूर्ण प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे बिक्री के बाद छूट पर ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में जीएसटी के तीन महत्वपूर्ण प्रावधानों में किए गए संशोधनों को नियमित करने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इन संशोधनों को विधेयक के रूप में विधानसभा में प्रस्तुत करने का रास्ता खोल दिया है।

इससे बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट पर कर लाभ, क्रेडिट नोट जारी करने की प्रक्रिया और उलटी कर संरचना वाले निर्माताओं को रिफंड की सुविधा से जुड़े संशोधनों को विधायी मंजूरी दिलाने का रास्ता साफ हुआ है।

वित्त विभाग (राज्य कर विभाग) की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, केंद्रीय माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में किए गए बदलावों के अनुरूप उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन किए गए हैं। इसके लिए तीन सितंबर 2026 को उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 जारी किया गया था। अब इस अध्यादेश को विधेयक के रूप में विधानसभा में पुनर्स्थापित किया जा रहा है।

बिक्री के बाद छूट देने पर मिलेगी राहत

जीएसटी अधिनियम की धारा 15 में कर योग्य आपूर्ति के मूल्य का निर्धारण किया जाता है। पहले बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट पर कर योग्य मूल्य घटाने का लाभ लेने के लिए आपूर्ति से पहले या उसी समय किए गए समझौते के तहत छूट का निर्धारण और संबंधित चालानों से उसका जुड़ाव आवश्यक था।

संशोधन के तहत इस पूर्व समझौते की बाध्यता हटाई गई है। अब निर्धारित शर्तों के अधीन आपूर्तिकर्ता क्रेडिट नोट जारी करके छूट का लाभ दे सकता है। हालांकि, छूट से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट को प्राप्तकर्ता की ओर से नियमानुसार वापस करना होगा।
इससे उन कारोबारियों को राहत मिल सकती है, जो बिक्री के बाद व्यापारिक परिस्थितियों के अनुसार छूट देते हैं और पुराने प्रावधानों के कारण कर संबंधी औपचारिकताओं का सामना करते थे।

क्रेडिट नोट की प्रक्रिया होगी आसान

जीएसटी अधिनियम की धारा 34 क्रेडिट और डेबिट नोट जारी करने से संबंधित है। इसमें किए गए संशोधन का उद्देश्य बिक्री के बाद दी जाने वाली छूट और क्रेडिट नोट की व्यवस्था के बीच कानूनी तालमेल स्थापित करना है। इससे धारा 15 में किए गए बदलावों को लागू करने में मदद मिलेगी।

उलटी कर संरचना वाले निर्माताओं को राहत

धारा 54 में रिफंड से संबंधित प्राविधान हैं। उलटी कर संरचना यानी इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर उन स्थितियों को कहा जाता है, जिनमें कच्चे माल पर जीएसटी की दर तैयार उत्पाद की तुलना में अधिक होती है। ऐसी स्थिति में कारोबारियों का इनपुट टैक्स क्रेडिट जमा होता रहता है और उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता।

संशोधन के तहत ऐसी स्थिति में पात्र रिफंड दावों पर भी अनंतिम रिफंड की सुविधा का विस्तार किया गया है। इससे निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले निर्माताओं को रिफंड की राशि का 90 प्रतिशत तक अग्रिम भुगतान मिलने की सुविधा का लाभ मिल सकता है। इससे कारोबार में पूंजी फंसे रहने की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा पर हर की पैड़ी हरिद्वार पर किया गंगा पूजन

यह भी पढ़ें- हरिद्वार में धामी कैबिनेट की बैठक संपन्न, लिए गए ये 10 महत्वपूर्ण फैसले, समूह `ग` के पदों पर होगी अग्निवीर की सीधी भर्ती