उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं को मिलेगी गति, नाबार्ड की सहायक कंपनी के साथ तीन साल का समझौता
उत्तराखंड राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय और नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज के बीच कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं को गति देने के लिए समझौता हुआ है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून । उत्तराखंड में कार्बन क्रेडिट परियोजनाओं के विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को गति मिलेगी।
इस संबंध में राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय और नाबार्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के बीच बुधवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। निदेशालय के निदेशक एसपी सुबुद्धि और संस्था की उपाध्यक्ष कैप्टन उपमा सक्सेना ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत संस्था निदेशालय में कार्बन क्रेडिट परियोजना विकास प्रकोष्ठ की स्थापना और संचालन में तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग देगा। इसके लिए पूर्णकालिक परियोजना समन्वयक तैनात किया जाएगा। जरूरत के अनुसार वरिष्ठ कार्बन सलाहकार और जीआइएस विशेषज्ञ भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
क्षेत्रवार संभावनाओं का होगा आकलन
समझौते के तहत राज्य में वन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्बन क्रेडिट की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। घरेलू और वैश्विक कार्बन बाजार के अवसरों की पहचान के साथ नीतिगत ढांचे और कार्ययोजना के विकास में सहयोग मिलेगा।
अधिकारियों को कार्बन क्रेडिट की कार्यप्रणाली तथा मापन, रिपोर्टिंग एवं सत्यापन (एमआरवी) का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। तीन वर्ष के इस समझौते के तहत पहले वर्ष के लिए 49 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
