Uttarakhand Boar Exam में फेल हुए 23 हजार छात्रों का रिकॉर्ड तलब, तय होगी शिक्षकों की जिम्मेदारी
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए 23,563 छात्रों के परिणामों की गहन समीक्षा की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सीईओ को ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
अशोक केडियाल, देहरादून । उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष अनुत्तीर्ण हुए 23,563 छात्र-छात्राओं के परिणामों का गहन मूल्यांकन होगा। परीक्षार्थियों के पास नहीं होने के कारणों की विस्तार से समीक्षा होगी, ताकि भविष्य में परीक्षाफल को और बेहतर बनाया जा सके।
शिक्षा विभाग ने सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन छात्रों का विद्यालयवार रिकार्ड तलब कर गहन समीक्षा करें और रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजें।
विषयवार प्रदर्शन का भी विश्लेषण
विभागीय निर्देशों के अनुसार अब केवल कुल परिणाम ही नहीं, बल्कि विषयवार प्रदर्शन का भी विश्लेषण किया जाएगा। राज्य स्तरीय अधिकतम प्राप्तांक के आधार पर तुलना की जाएगी और यदि किसी विषय में छात्रों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया जाता है तो संबंधित विषय के शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। निदेशालय स्तर से ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल में 8,610 और इंटरमीडिएट में 14,953 छात्र-छात्राएं असफल हुए हैं। खास बात यह है कि देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जनपद बोर्ड परीक्षाफल में पहाड़ी जिलों से पीछे रहे हैं, जबकि इन्हीं जनपदों में तैनाती के लिए शिक्षकों में सर्वाधिक मारामारी रहती है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि नियमित मूल्यांकन, कमजोर छात्रों की समय पर पहचान और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार से परिणाम बेहतर किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से अब जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।
जिम्मेदारी तय होगी, कार्रवाई भी होगी : शिक्षा मंत्री
विद्यालय शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि खराब परिणाम के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
