राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं व 10वीं कक्षा के करीब 2.71 लाख छात्र-छात्राओं के रिजल्ट के लिए अंकों के निर्धारण का फार्मूला जल्द तय होने जा रहा है। इस संबंध में सीबीएसई के स्तर से फैसला होने के बाद अब राज्य में शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति की दूसरी बैठक दो-तीन दिन के भीतर होगी। इसमें राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फार्मूले को अंतिम रूप दिया जाएगा। समिति वंचित छात्र-छात्राओं को प्रायोगिक परीक्षाओं का मौका दिया जा सकता है।

कोरोना महामारी के चलते देशभर में सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा रद होने के बाद राज्य सरकार ने भी यही कदम उठाया था। बीती 11 जून को आदेश जारी कर उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद कर दी गई। इससे पहले 10वीं की बोर्ड परीक्षा भी रद की जा चुकी है। सरकार ने दोनों बोर्ड कक्षाओं में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्हें अंक देने के बारे में निर्णय लेने को पांच सदस्यीय समिति गठित की है। शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में गठित समिति के सदस्यों में माध्यमिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक सीमा जौनसारी, उत्तराखंड बोर्ड की सचिव नीता तिवारी और गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शामिल हैं।

समिति की पहली बैठक में 12वीं की परीक्षा को लेकर मोटे तौर पर फार्मूले पर सहमति बन चुकी है। इसमें तय किया गया है कि 10वीं व 11वीं की परीक्षा में प्राप्त अंकों का 30-30 फीसद और 12वीं कक्षा में हुई मासिक परीक्षा, प्री-बोर्ड परीक्षा, प्रायोगिक परीक्षा व अन्य परीक्षा के अंकों का 40 फीसद को रिजल्ट के लिए अंकों के निर्धारण में शामिल किया जाएगा। सीबीएसई का फार्मूला भी तकरीबन इसी तरह है। समिति ने फार्मूले को अंतिम रूप देने के लिए इस संबंध में जिलेवार तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। 10वीं कक्षा में नौवीं के प्राप्तांक के साथ ही 10वीं कक्षा के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में मिले अंकों के आधार पर मूल्यांकन होना है।

शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय के मुताबिक अगले दो-तीन दिन में उत्तराखंड बोर्ड के रिजल्ट को लेकर फार्मूला तय कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रायोगिक परीक्षा से वंचित रहने वाले छात्र-छात्राओं को दोबारा मौका देने पर भी निर्णय लिया जाएगा। बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में करीब 1.48 लाख और 12वीं की परीक्षा में करीब 1.23 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि शासन को समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। समिति को रिपोर्ट देने के लिए 10 दिन की मोहलत दी गई है। यह समय सीमा 20 जून को खत्म होगी।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Board Examination: परीक्षाएं हुईं नहीं, अंक कहां से भेजेंगे सरकारी स्कूल

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Raksha Panthri