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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा सत्र: मंत्री, विधायकों के लिए भी आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Fri, 13 Aug 2021 01:46 PM (IST)Updated: Fri, 13 Aug 2021 05:36 PM (IST)

Uttarakhand assembly monsoon session 2021 उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 23 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र में ...और पढ़ें

वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके विधायकों को नेगेटिव रिपोर्ट से मिल सकती है छूट।
वैक्सीन की दो डोज लगवा चुके विधायकों को नेगेटिव रिपोर्ट से मिल सकती है छूट।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand assembly monsoon session 2021 कोरोना संक्रमण के मामलों में भले ही कमी आई है, लेकिन 23 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधानसभा किसी भी प्रकार का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। सत्र में भाग लेने को मंत्री, विधायकों के लिए कोरोना जांच की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। सत्र के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन मंत्री, विधायकों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं, उन्हें आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट से छूट देने पर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से विमर्श के बाद इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने जानकारी दी कि सत्र से पहले विधायकों को अपने जिले अथवा क्षेत्रों में कोरोना जांच के मद्देनजर आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा। उन्हें इसकी निगेटिव रिपोर्ट विधानसभा को देनी होगी। इसके बाद ही उन्हें सदन में प्रवेश मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि सत्र से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट आवश्यक होगी। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह जिलों, विधानसभा परिसर सहित विधायक निवास में कोरोना जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

अग्रवाल ने बताया कि सत्र के दौरान सुरक्षित शारीरिक दूरी, थर्मल स्केनिंग और सेनिटाइजेशन पर खास फोकस रहेगा। सुरक्षित शारीरिक दूरी के मद्देनजर सभामंडप का विस्तार कक्ष संख्या-107 तक किया जाएगा। विधानसभा के मुख्य द्वार से लेकर सदन तक थर्मल स्केनिंग व सेनिटाइजेशन की व्यवस्था होगी। दर्शक व अधिकारी दीर्घा के लिए किसी भी व्यक्ति को प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान गैर सरकारी व्यक्तियों को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। विधायकों के साथ आने वाले सहवर्ती का प्रवेश विधानसभा भवन में वर्जित किया गया है। पूर्व विधायकों से भी परिसर में आने से बचने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि मीडिया को विधानसभा की कार्यवाही सूचना विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, कोविड को देखते हुए सीमित संख्या में मीडियाकर्मियों को सत्र के पास जारी करने पर विचार चल रहा है।

19 विधायकों ने लगाए 762 प्रश्न

मानसून सत्र के लिए प्रश्न लगाने के मामले में विधायकों में सुस्ती का आलम दिख रहा है। हालांकि, विधानसभा को अब तक 762 प्रश्न मिल चुके हैं, लेकिन इन्हें पूछने वाले विधायकों की संख्या महज 19 है। 71 सदस्यीय (70 निर्वाचित और एक मनोनीत) विधानसभा में वर्तमान में दो पद रिक्त होने के कारण सदस्यों की संख्या 69 है। इनमें सत्ता पक्ष के 56 विधायक हैं, जिनमें मुख्यमंत्री और 11 मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की सदन में संख्या 10 है, जबकि एक विधायक भाजपा का एसोसिएट और एक निर्दलीय हैं। एक विधायक मनोनीत हैं।

व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश

विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने शुक्रवार को विधानसभा के सभागार में मुख्य सचिव एसएस संधु समेत अन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बैठक की। उन्होंने सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, जरूरी व्यवस्थाएं जल्द पूर्ण करने, चिह्नित स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग कराने, पानी, बिजली, अग्निशमन दल, एंबुलेंस से जुड़ी व्यवस्थाएं भी चौकस रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वह जरूरी चिकित्सा दल, दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को मुस्तैदी से कार्य करे। बैठक में मुख्य सचिव संधु, अपर मुख्य सचिव गृह आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, मंडलायुक्त रविनाथ रमन, सचिव अमित नेगी, एस मुरुगेशन, आइजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन, आइजी संजय गुंज्याल, सीएमओ मनोज उप्रेती, विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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