जागरण संवाददाता, कोटद्वार। राज्य गठन के बाद अस्तित्व में आई कोटद्वार विधानसभा सीट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऋतु खंडूड़ी को कोटद्वार विधान सभा से मैदान में उतार मतदाताओं को चौंका दिया है। मतदाताओं को उम्मीद थी कि इस मर्तबा पार्टी स्थानीय व्यक्ति को चुनावी दंगल में उतारेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ऋतु खंडूड़ी का टिकट काट रेनू बिष्ट को यमकेश्वर से भाजपा ने बनाया प्रत्याशी

भाजपा ने पिछले दिनों 59 प्रत्याशियों की सूची जारी की, जिसमे कोटद्वार विधानसभा शामिल नहीं थी। पार्टी ने यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी का टिकट काट रेनू बिष्ट को यमकेश्वर में प्रत्याशी बना दिया। यह सूची जारी होने के बाद विधानसभा में प्रतिदिन नए दावेदारों के नाम चर्चाओं में आ रहे थे। इस दौरान किसी ने यह नहीं सोचा कि पार्टी ऋतु खंडूड़ी को कोटद्वार से चुनावी रण में उतारेगी।

जानिए कोटद्वार विधानसभा सीट का इतिहास

कोटद्वार विधान सभा में पार्टी के इतिहास को उठा कर देखें तो अभी तक भाजपा ने इस सीट पर हमेशा पैराशूट प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। 2002 की बात करें तो पार्टी ने पैराशूट प्रत्याशी अनिल बलूनी को मैदान में उतारा। लेकिन, उनका नामांकन निरस्त होने के कारण पार्टी को निर्दलीय प्रत्याशी भुवनेश खर्कवाल को समर्थन देना पड़ा। 2005 के उपचुनाव में पुन: अनिल बलूनी को मैदान में उतारा गया। 2007 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए तत्कालीन ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र रावत, 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए डा. हरक सिंह रावत मैदान में उतारे गए।

एक बार फिर पार्टी ने स्थानीय को दरकिनार कर ऋतु खंडूड़ी को मैदान में उतारा है। यहां यह बताना बेहद जरूरी है टिकट के दावेदार धीरेंद्र चौहान अपना चुनाव प्रचार शुरू कर चुके हैं।

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Edited By: Sunil Negi