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उत्तराखंड में रोजगार का नया अध्याय: बीते वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से संवरा भविष्य

Published: Mon, 14 Sep 2026 01:08 PM (IST)

उत्तराखंड में धामी सरकार की नीतियों से 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरी मिली है। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उत्तराखंड में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली।

  2. सख्त नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई।

  3. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना से निःशुल्क कोचिंग मिल रही।

डिजिटल टीम, देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं के रोजगार और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर धामी सरकार की नीतियां धरातल पर रंग ला रही हैं। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वक्तव्य के अनुसार, प्रदेश में पारदर्शी व्यवस्था के तहत रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी नियुक्ति प्रदान की गई है।

भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त 'नकल विरोधी कानून' लागू किया गया, जिससे योग्य और मेधावी अभ्यर्थियों को उनका हक मिला है।

उत्तराखंड में बीते साढ़े 4 वर्षों में दी गई 34,000 से अधिक सरकारी नौकरियां राज्य के विभिन्न प्रमुख विभागों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रदान की गई हैं।

मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों में ये नियुक्तियां की गई हैं।

  • शिक्षा विभाग: प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में सहायक अध्यापक (LT), प्रवक्ता और सहायक प्रोफेसरों के पदों पर।
  • गृह एवं पुलिस विभाग: उप-निरीक्षक (SI), पुलिस कांस्टेबल और अग्निशामक (Fireman) के पदों पर भर्ती।
  • स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: नर्सिंग अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी (MO), लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ।
  • राजस्व एवं प्रशासनिक विभाग: पटवारी, लेखपाल और कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant)।
  • पशुपालन एवं कृषि विभाग: पशुधन प्रसार अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी और प्रयोगशाला सहायक।
  • वन एवं पर्यावरण विभाग: वन आरक्षी (Forest Guard) और नए बीट अधिकारियों के पद।
  • ऊर्जा एवं तकनीकी विभाग: यूकेपीएससी (UKPSC) और यूकेएसएसएससी (UKSSSC) के माध्यम से विभिन्न विभागों में सहायक इंजीनियर (AE) और कनिष्ठ इंजीनियर (JE)। 
युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने और योजनाओं के शुभारंभ कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब सिफारिश या पहचान के बल पर नहीं, बल्कि केवल मेहनत, लगन और प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। हमारी सरकार ने सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के विश्वास को पुनः बहाल किया है। 34 हजार से अधिक पारदर्शी नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की सुरक्षा और उन्हें समान अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरी देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को नौकरी देने वाला (उद्यमी) बनाना भी है। 

 
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और रिकॉर्ड नियुक्तियों से प्रदेश के युवाओं के चेहरे खिल उठे हैं। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों ने व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव पर अपनी बात साझा की।  
  • प्रियंका (नवनियुक्त सहायक अध्यापक)

    "पहले परीक्षाओं की तारीखों और नतीजों को लेकर असमंजस रहता था, लेकिन सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से परीक्षाएं आयोजित हुईं। बिना किसी सिफारिश या अनुचित साधन के सिर्फ अपनी पढ़ाई के दम पर मेरा चयन हुआ है। यह हमारे जैसे सामान्य परिवार के युवाओं के लिए बहुत बड़ी राहत है।"
  • अनिल (पशुपालन विभाग में नवनियुक्त कर्मचारी)

    "लगातार मेहनत के बाद जब बिना किसी रुकावट के फेयर सिलेक्शन होता है, तो व्यवस्था पर भरोसा और बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना जीवन का सबसे गर्वित क्षण रहा। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी सेवाएं जनता तक पहुंचाएं। "

युवाओं को सशक्त बनाने के अन्य ठोस कदम

सरकारी नौकरियों के साथ-साथ राज्य सरकार युवाओं के समग्र विकास और करियर निर्माण के लिए कई अन्य पहल भी कर रही है।  
  • मुफ्त कोचिंग और मार्गदर्शन: 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' के तहत 11 हजार से अधिक पात्र विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है।
  • युवा आयोग का गठन: युवाओं की अपेक्षाओं, रोजगार के अवसरों और वैचारिक मंथन को संस्थागत रूप देने के लिए प्रदेश में जल्द ही 'उत्तराखंड युवा आयोग' का गठन किया जा रहा है।
  • स्वरोजगार और स्टार्टअप्स: 'स्टार्टअप नीति' और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए रिवर्स पलायन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवा गांवों में ही अपना व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं।
पारदर्शी चयन प्रणाली, सख्त कानूनों और ऐतिहासिक नियुक्तियों के कारण उत्तराखंड का युवा आज आत्मविश्वास के साथ अपने स्वर्णिम भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।