जागरण संवाददाता, देहरादून। सैन्यधाम निर्माण के लिए दून के शहीद मेजर विजय अहलावत के आंगन की पवित्र माटी को लेने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी उनके घर पहुंचे। यहां से शहीद सम्मान यात्रा को हरी झंडी दिखाकर आगे के लिए रवाना किया गया। इस मौके पर भट्ट ने कहा कि हमारे वीरों का पुण्य आशीर्वाद सैन्यधाम के कण-कण में विराजमान रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से सैन्यधाम जल्द आकार लेगा।

उत्तराखंड में 15 नवंबर से शुरू हुई शहीद सम्मान यात्रा के क्रम में गुरुवार को देहरादून के विजय कालोनी फेज-2 न्यू कैंट रोड स्थित शहीद मेजर विजय अहलावत के आंगन से मिट्टी एकत्रित की गई। इस मिट्टी को गुनियाल गांव में बनने वाले सैन्य धाम के निर्माण के लिए ले जाया जाएगा। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुसार राज्य में ऐतिहासिक सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है।

इसके लिए 1734 शहीदों के आंगन से शहीद सम्मान यात्रा द्वारा पवित्र माटी को एकत्र किया जा रहा है। गढ़वाल मंडल में चमोली के सवाड़ गांव और कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ के मुनाकोट गांव से शहीद सम्मान यात्रा शुरू हुई थी। इस दौरान विभिन्न जिला स्तरीय और ब्लाक स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक सम्मान यात्रा 22 दिन तक चलेगी, जिस शहीद के यहां से माटी एकत्रित की जा रही है। उनके स्वजन को सम्मानित भी किया जा रहा है। गुरुवार को शहीद सम्मान यात्रा पौड़ी के गांधी मैदान पहुंची। यहां भी शहीदों के आंगन की माटी एकत्र की गई।

मुंबई हमले में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

वीरभूमि फाउंडेशन के कार्यकर्त्ताओं ने बल्लूपुर चौक स्थित शहीद प्रमोद सजवाण चौक पर मोमबत्ती जलाकर और मौन धारण कर मुंबई हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साहस और शहादत को सलाम किया।

फाउंडेशन के संरक्षक महापौर सुनील उनियाल गामा व अध्यक्ष राजेश रावत ने कहा कि मुंबई हमले ने भारत समेत पूरी दुनिया को हिला दिया था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी से दहला दिया। इस दौरान कई बेगुनाह लोग मारे गए।

जवाबी कार्रवाई में मुंबई पुलिस, एटीएस और एनएसजी कमांडो ने अपनी जान देश पर न्यौछावर कर दी। इनमें एनएसजी कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड के रहने वाले थे। देश उन सभी वीर सैनिकों को सलाम करता है, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर पार्षद अंकित अग्रवाल, योगेंद्र नेगी, छावनी परिषद देहरादून के नामित सदस्य विनोद पंवार, मोहित, चंदन कनौजिया विपिन, आशीष गुसाईं आदि शामिल थे।

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Edited By: Raksha Panthri