जागरण संवाददाता, देहरादून: UKSSSC Paper Leak Case : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तर की परीक्षा का पेपर लीक करने के प्रकरण में भाजपा से निष्कासित नेता हाकम सिंह रावत की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की धरपकड़ तेज हो गई है।

गुरुवार को एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर से अवर अभियंता ललित कुमार को हिरासत में लिया है। वह सहारनपुर में जल संस्थान में तैनात है।

रकम का सौदा करने में ललित की भूमिका

आरोप है कि ललित पेपर लीक प्रकरण में मास्टरमाइंड हाकम सिंह रावत के लिए काम करता था। परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराने और इसके एवज में रकम का सौदा करने में ललित की भूमिका सामने आई है।

उधर, एसटीएफ ने बुधवार रात उत्तरकाशी के सुनहरा गांव से हिरासत में लिए गए अंकित रमोला को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वह भी हाकम सिंह का करीबी बताया जा रहा है।

एसटीएफ के अनुसार अवर अभियंता ललित की पत्नी देहरादून स्थित उत्तराखंड जल विद्युत निगम में सहायक अभियंता है। एसटीएफ ललित से पूछताछ कर रही है।

पूछताछ के आधार पर जिनके नाम सामने आ रहे हैं, उनकी भूमिका का पता लगाया जा रहा है। वहीं, उत्तरकाशी से गिरफ्तार अंकित के पास अभ्यर्थियों को पूर्व में गिरफ्तार निलंबित शिक्षक तनुज शर्मा के घर ले जाने की जिम्मेदारी थी। वह खनन कारोबार से जुड़ा हुआ है।

आरोपित ने बताया कि उसने हाकम सिंह के कहने पर अभ्यर्थियों को एकत्र किया और पेपर याद करवाने के लिए शिक्षक के घर पहुंचाया। दूसरी तरफ, एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने अवर अभियंता ललित की गिरफ्तारी की बात से फिलहाल इन्कार किया। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामले की कड़िया उत्तर प्रदेश से जुड़ रही हैं, जल्द ही सभी आरोपित गिरफ्त में होंगे।

अब तक हो चुकी है 19 की गिरफ्तारी

इस प्रकरण में एसटीएफ अब तक 19 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसटीएफ के रडार पर परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले कुछ अभ्यर्थी भी हैं। एसटीएफ कई ऐसे अभ्यर्थियों को भी चिहि्नत कर चुकी है, जिनका परीक्षा में चयन हुआ है।

वहीं, एसटीएफ के एसएसपी ने ऐसे अभ्यर्थियों जिन्होंने नकल से परीक्षा उत्तीर्ण की है को आगाह किया है कि खुद सामने आकर बयान दर्ज कराएं, अन्यथा जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।

वीडीओ परीक्षा धांधली में विजिलेंस को मिले अहम सबूत

स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक की तरह वर्ष 2016 में आयोग की ओर से कराई ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) परीक्षा में भी बड़ी धांधली सामने आ रही है। विजिलेंस के हाथ परीक्षा से संबंधित कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही इस मामले में कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है।

वर्ष 2016 में कराई गई ग्राम विकास अधिकारी की इस परीक्षा में जब धांधली की बात सामने आई तो इसे रद्द कर दिया गया और 2017 में फिर से परीक्षा कराई गई। जिसमें 2016 में टापर बने छात्र फिसड्डी साबित हुए। इस मामले में कुछ अभ्यर्थियों की शिकायत पर प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ने मामले में जनवरी 2020 में मुकदमा दर्ज किया।

विजिलेंस अधिकारियों की मानें तो वीडीओ परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की गई थी। विजिलेंस इसकी फोरेंसिक जांच भी करवा चुकी है, जिसमें इसकी पुष्टि हो चुकी है। एसपी विजिलेंस रेनू लोहनी ने बताया कि इस मामले में जल्द कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

अनुचित साधन प्रयोग करने वाले खुद आएं सामने

एसएसपी ने सभी ऐसे अभियार्थिओ को आगाह किया है कि जिन लोगों ने अनुचित साधनों का प्रयोग कर एग्जाम को क्लियर किया है वो खुद सामने आकर बयान दर्ज कराएं अन्यथा जल्दी ही उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

केंद्रीय जांच एजेंसियों से साझा करेगी एसटीएफ

यूकेएसएसएससी का स्नातक स्तर का पेपर लीक मामले में नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए उत्‍तराखंड एसटीएफ ने पूरी तैयारी कर ली है। एसटीएफ केंद्रीय जांच एजेंसियों से ऐसे आरोपितों के बारे में जानकारी साझा करेगी। अभी तक गिरफ्तार हुए कुछ आरोपितों ने पेपर लीक माध्यम से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में 83 लाख की नकदी बरामद भी हो चुकी है।

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Edited By: Sunil Negi