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600 रुपये में दो पैंट-शर्ट... 157 रुपये में जूते.. स्कूल ड्रेस कैसे खरीदेगा विद्यार्थी?

Published: Thu, 17 Sep 2026 01:49 PM (IST)

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में गरीब छात्रों को गणवेश, जूते और बैग के लिए मिलने वाली न्यूनतम धनराशि में देरी ...और पढ़ें

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

अशोक केडियाल, देहरादून। पहले ही मदद के रूप में दी जा रही न्यूनतम धनराशि और ऊपर से वह भी समय पर न मिले तो सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब व ग्रामीण विद्यार्थियों से हम विज्ञानी, डाक्टर, इंजीनियर बनने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।

छात्रों को 600 रुपये ड्रेस के लिए दिए जाते हैं और कहा जाता है ड्रेस के रूप में दो शर्ट एवं दो पैंट लेना अनिवार्य है। यही नही 157 रुपये में स्कूली जूते मिलना संभव नहीं है।

इन सबके बावजूद शैक्षिक सत्र की पहली छमाही यानी सितंबर माह बीतने में चंद दिन बचे हैं, लेकिन कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिलने वाली गणवेश, जूते व बैग की धनराशि अब तक जारी नहीं हुई है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से कर वस्तु स्थिति से अवगत कराया है।

विद्यालय और छात्र की संख्या

  • प्राथमिक विद्यालय 11580, विद्यार्थी 3,54041
  • उच्च प्राथमिक स्तर, 2603, विद्यार्थी 101111

इस प्रकार मिलती है प्रति छात्र धनराशि

पहली से आठवीं कक्षा तक के राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले चार लाख 55 हजार 152 विद्यार्थियों के लिए प्रति छात्र के हिसाब से समग्र शिक्षा की ओर से डीबीटी माध्यम से उनके खातों में ट्रांसफर की जाती है।

  • गणवेश : पहली से आठवीं तक- 600 रुपये प्रति छात्र
  • बैग और जूते : कक्षा एक से पांच : 318 प्रति छात्र
  • बैग के लिए 165 रुपये और जूते के लिए 153 रुपये
  • कक्षा छह से आठ के लिए 462 प्रति छात्र
  • बैग के लिए : 275 रुपये, जूते के लिए : 187 रुपये

स्कूल बैग और जूते के लिए दी जाने वाली धनराशि निर्धारित है। यह धनराशि हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी जा चुकी है। अभी तक छात्रों को क्यों नहीं मिली, इसकी पड़ताल की जाएगी। गणवेश की धनराशि भी जल्द छात्रों के खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। कोशिश की जाएगी कि समग्र शिक्षा की धनराशि अगले वर्ष से जारी होने में विलंब न हो। - केएस रावत, अपर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा