देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में उफनते नदी-नालों ने ग्रामीणों की राह मुश्किल कर दी है। प्रदेश में करीब पांच सौ से ज्यादा गांव जिला मुख्यालय से कट चुके हैं। 115 से ज्यादा सड़कों पर आवागमन बाधित है। इस बीच मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में अगले 48 घंटे भारी से भारी बारिश हो सकती है।

शनिवार को प्रदेश में भारी बारिश के आसार बन रहे हैं। विभाग ने बादल फटने की आशंका भी जताई है। मौसम के तेवरों को देखते हुए शासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को अलर्ट पर रखा है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन को भी हालात के अनुसार तैयार रहने को कहा गया है। शासन ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए है कि पर्यटकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में न भेजा जाए।

बीते दो दिन से देहरादून जिले में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार तड़के करीब ढाई बजे सौंग नदी उफान पर आ गई और पानी तटबंध तोड़ते हुए गांवों में घुस गया। गौहरी माफी के  पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल ने आपदा कंट्रोल रूम को फोन पर सूचना दी।

पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालांकि तीन घंटे बाद जलस्तर सामान्य हो गया। दूसरी ओर पर्वतीय इलाकों में भी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा आने से यातायात दिन भर बाधित होता रहा। 

कुमाऊं में स्थिति गढ़वाल जैसी ही है। गुरुवार की रात पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी और डीडीहाट तहसील में भारी बारशि हुई। काली और गोरी नदियों का  जलस्तर में बढ़ा है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि शनिवार को मौसम संवेदनशील हो सकता है। इसके अलावा रविवार को सोमवार को भी मौसम के तेवर तल्ख रहेंगे।

यह भी पढ़े: उत्तराखंड में मौसम के तेवर पड़े कुछ नरम, दुश्वारियां बरकरार

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे पड़ सकते हैं भारी, नाले में तब्दील सड़कों में बहे वाहन

यह भी पढ़ें: यमुनोत्री धाम में बादल फटा, कुंडों में भरा मलबा

Posted By: Sunil Negi