जागरण संवाददाता, देहरादून: अपने पसंदीदा कलाकार की याद में मंदिर आदि बनवाने के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन दून में किशोर दा यानी किशोर कुमार के एक प्रशंसक ने अपने घर की छत पर रिकार्डिंग स्टूडियो बनाकर ही उनको समर्पित कर दिया है। इसी सितंबर में तैयार हुए स्टूडियो में दीवारों पर किशोर कुमार के बड़े-बड़े चित्र लगे हुए हैं। रोजाना यहां किशोर दा के गीतों को दोबारा रिकार्ड किया जाता है। बुधवार को किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर उन्होंने किशोर दा को उनके लिए समर्पित स्टूडियो से श्रद्धांजलि अर्पित की।

किशोर दा के ये प्रशंसक हैं राजपुर रोड निवासी 55 वर्षीय संदीप गुप्ता। संदीप पेशे से तो लोहा व्यापारी हैं, मगर शौकिया तौर पर गाना भी गाते हैं। संदीप के किशोर दा के प्रति प्रेम को इस बात से समझा जा सकता है कि उनका कोई भी दिन किशोर दा के गीत को सुने या गुनगुनाए बिना नहीं बीतता। अब तो वह हर रोज सुबह-शाम इस स्टूडियो में किशोर दा के गीतों को अपनी आवाज में रिकार्ड करते हैं। संदीप इस खास स्टूडियो में किशोर दा के 200 से ज्यादा गीतों को रिकार्ड कर चुके हैं। वह कहते हैं कि किशोर दा के गीतों को गुनगुनाकर ऊर्जा मिलती है।

यह भी पढ़ें- आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं मानी हार, संघर्षों के बूते हासिल किया मुकाम; अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्रोत

 

स्टूडियो को नाम दिया स्वरांजलि

बकौल संदीप बचपन में उन्हें किशोर कुमार की आवाज ने इतना प्रभावित किया कि उन्हें अपना संगीत का गुरु बना लिया। होश संभालने के बाद किशोर का सुना हुआ अपना सबसे पहला गीत वह वर्ष 1970 में आई फिल्म प्रेम पुजारी के 'फूलों के रंग से दिल की कमल से... को बताते हैं। उन्होंने किशोर को समर्पित रिकार्डिंग स्टूडियो का नाम स्वरांजलि रखा है। इस कार्य में पत्नी रीता और पुत्र रजत ने भी उनका सहयोग किया।

किशोर दा से न मिल पाने का मलाल

संदीप बताते हैं 70 के दशक में किशोर कुमार मसूरी आए थे और सेवाय होटल में ठहरे थे। इस बारे में उन्हें तब पता चला, जब वह चले गए। संदीप को आज भी इस बात का मलाल है कि तब वह किशोर दा से नहीं मिल पाए।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand Tourism: त्योहार की छुट्टी के लिए तैयार मसूरी और नैनीताल, यहा आ रहे हैं तो इन खूबसूरत जगहों को देखना न भूलें

Edited By: Sumit Kumar